काव्य : अटल – आरती श्रीवास्तव जमशेदपुर

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अटल

विधा-पिरामिड।

१)
तू
सदा
अटल
अद्वितीय
अजातशत्रु
विराट हृदय
शत शत नमन।

२)
थे
ज्ञानी
अटल
सदाचारी
कवि हृदय
सच्चे देशप्रेमी
नम: युग पुरुष।

आरती श्रीवास्तव
जमशेदपुर

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