काव्य: जीवन – अदिति पाण्डेय ,प्रयागराज

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जीवन

किराए पर आए हैं
कभी तो छोड़ जाएंगे
जिंदगी का कण कण
नया-नया प्रण है
घर तो एक है
लोग यहां अनेक हैं
मिट्टी के हो तुम
मिट्टी में मिल जाओगे
यह जीवन का खेल है
जो जीता वह शेर है
जो हारा उसे जेल है
बोए हैं तो काटना पड़ेगा
आए हैं तो जाना पड़ेगा
लोभ मोह माया है
क्रोध दुष्ट काया है
जीवन सब कुछ सिखाएगा
तुमको मौत तक पहुंचाएगा
एक दिन ऐसा आएगा
सब कुछ खत्म हो जाएगा
हंसकर सबको जीत लो
अपनी और खींच लो
मुस्कान तुम्हारी पहचान है
कर्म तुम्हारा तुम पर ही एहसान है
दुनिया बहुत स्वार्थी है
कोई नहीं यहां सारथी है
जीवन का आदर करो
समय यही बताता है
कोई यहां अच्छा नहीं है
कोई यहां सच्चा नहीं है।
अदिति पाण्डेय
कक्षा -8
विद्यालय- सेन्ट एन्थनी गर्ल्स इंटर कॉलेज, प्रयागराज

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