काव्य : नवरात्रि का त्योहार – श्रीमती शेफालिका सिन्हा रांची,झारखंड

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नवरात्रि का त्योहार

व्रत- उपवास
पूजा- पाठ से
माता को प्रसन्न
करने को हैं
भक्तजन तैयार।

घर- मंदिर
पूजा पंडाल में
बहे भक्ति की बयार,
गरबा-डांडिया
में मस्त है संसार।

“या देवीसर्वभूतेषू मातृरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ”
के मंत्रोचार से
नवरात्रि में कर रहे
माता के नौ रूपों से साक्षात्कार ।

सुख शांति समृद्धि
और हो साहस का संचार,
असुर मन का हो संहार
मातृशक्ति को मिले
घर बाहर सत्कार,
जग में कहीं से मिले न
कोई चीख-पुकार
तब ही होगा सार्थक
नवरात्रि का त्यौहार।

श्रीमती शेफालिका सिन्हा
रांची,झारखंड।

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