डॉक्टर्स ने गीत गाकर समां बाँधा

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डॉक्टर्स ने गीत गाकर समां बाँधा

बीती रात इटारसी के साईं कृष्णा हॉल में हुए संगीतमय कार्यक्रम में इटारसी चिकित्साजगत की हस्तियों ने जमकर फ़िल्मी गीतों को गाकर अपने दूसरे हुनर को भी खूबी के साथ दिखाया. इस कार्यक्रम का आयोजन आदर्श खेल सामाजिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा इटारसी के डॉक्टर्स और उनके परिवारों के स्वस्थ मनोरंजन के लिए किया था. कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ आर बी अग्रवाल, डॉ रामेश्वर दयाल, डॉ के सी साहू एवं अन्य उपस्थित अतिथियों ने आराध्यों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करके किया.
इस अवसर पर वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ आर बी अग्रवाल ने इतनी शक्ति हमें देना दाता गया. कार्यक्रम में डॉक्टर्स के गीतों में पहला गीत डॉ अशोक सोनी तुझको पुकारे मेरा प्यार गाया, उपरांत गीतों की श्रृंखला में डॉ राजेश गुप्ता ने है अपना दिल तो आवारा, डॉ मनीष गुप्ता ने दिल में हो तुम, डॉ अभिषेक सोनी ने फूलों के रंग से, डॉ दीपक बिस्वास ने तुम पुकार लो, डॉ बी के बिस्वास ने मेरा जीवन कोरा कागज़, डॉ रूपेश गौर ने ओ हंसिनी कहाँ उड़ चली और डॉ राकेश बत्रा ने ये दिल न होता बेचारा गाकर सभी का मन मोह लिया. वरिष्ठ दन्त चिकित्सक डॉ शील चन्द्र अग्रवाल ने किशोरे कुमार का रिमझिम गिरे सावन बहुत खूबी से गाया. इटारसी के कुछ नामचीन और कुछ छुपी हुई प्रतिभाओं ने हेमंत कुमार और महेंद्र कपूर कि स्मृति और सम्मान में उनके गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी. नगर के नामचीन गायक, संगीतग्य एवं उद्घोषक योगेश पुरकर संजू ने हेमंत कुमार का कालजयी गीत न तुम हमें जानों हुबहू हेमंत कुमार की आवाज़ में गाकर दिल जीत लिया. किशोर सीरिया एवं वंदना चौरे ने कार्यक्रम में हेमंत कुमार व लता मंगेश्कर जी का युगल गीत तुम्हें याद होगा कभी हम मिले थे गाया, अन्य कलाकारों में राजेश सिंह ने न ये चाँद होगा, विनोद पाण्डेय ने किसी पत्थर की मूरत से, प्रतापमणि प्रजापति ने तुम अगर साथ देने का वादा करो, लायंस क्लब इटारसी सुदर्शन के दो सदस्यों लायन संदीप तिवारी ने महेंद्र कपूर का गीत नीले गगन के तले धरती का प्यार पले और लायन अनीता राठौर ने लता जी का गीत तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया. क्लब सदस्य एवं इसका संस्था अध्यक्ष बीबीआर गाँधी ने महेंद्र कपूर का गीत आँखों में क़यामत के काजल गाया.
कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सहयोगी मैक्रो विज़न अकादमी बुरहानपुर के अकादमी प्रभारी विजय सुखवानी ने मंच से कार्यक्रम के उद्देश्य की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार का अपने क्षेत्र के चिकित्सकों के लिए कार्यक्रम का आयोजन अनूठा है और ऐसे उन्होंने पहली बार देखा है, सुखवानी ने बुरहानपुर के स्कूल और हॉस्टल की प्रशंसा करते हुए उपस्थितों को बुरहानपुर आकर विजिट करने का न्यौता दिया.
डॉ आर बी अग्रवाल, डॉ दयाल, डॉ ओ पी गुरबानी और डॉ के सी साहू ने कहा कि हमें बड़ी ख़ुशी हो रही है कि हम इस संगीत संध्या में आकर अपने डॉक्टर्स साथियों के गाये गीतों को सुन रहे हैं और संगीत के माध्यम से सुकून का अनुभव कर रहे हैं, संस्था को इस आयोजन के लिए आभार प्रकट करते हैं. साहित्यकार विनोद कुशवाहा ने कुछ कविताओं की पंक्तियों को सुनाते हुये दर्शकों का मनोरंजन किया, उनकी संजीदगी भरी पंक्तियों पर श्रोताओं ने सराहते हुए खूब तालियाँ बजाईं.
विशेष रूप से उपस्थित सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व के रेंजर सुरेश वर्मा ने मो रफ़ी के प्रसिद्द गीत मैं कहीं कवि न बन जाऊं गाया. विशेष अतिथि सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व डिप्टी डायरेक्टर संदीप फेलोस ने आयोजन के अनूठेपन की सराहना करते हुए कहा कि उनका इटारसी से जन्म का नाता है और इटारसी में इस आयोजन में आकर उन्होंने खूब आनंद लिया है.
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक एवं सीएम राइज इनचार्ज रामाशीष पाण्डेय ने मुकेश का एक खुबसूरत गीत तौबा ये मतवाली चाल गाया और साथ ही पूरे कार्यक्रम का कुशल सञ्चालन भी किया. अंत में साईं रिसोर्ट गार्डन और ठाकुर टेंट एवं केटर्स के प्रति उनकी सेवाओं का उल्लेख करते हुए सभी का आभार प्रकट किया.

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