लघुकथा : किसकी गल्ती ? – डॉ. मन्तोष भट्टाचार्य , जबलपुर

145

किसकी गल्ती ?

मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि इस छोटे से वाक्या को किस तरह से लिखूं ? हुआ ये था कि कुछ दिनों पूर्व एक बच्ची किसी संस्था के दान पत्र की रसीद बुक लेकर कई स्थानों से घूमते हुए मेरे पास आई, और संस्था के लिए कुछ सहयोग राशि की मांग मुझसे की । मेरे पूछने पर उसने मुझे बताया कि हमारी संस्था लोगों की दान रकम से जगह जगह गरीब तबके के लोगों के लिए भोजन वगैरह का प्रबंध किया करती है।
मेरे पूछने पर उस बच्ची ने बताया कि वह बायो सब्जेक्ट से ट्वेलथ पास है, और हाल ही में उसके पापा का देहांत हो चुका है, घर में और कोई भी बड़ा सदस्य सिवा उसके न होने के कारण यह काम करना पड़ रहा है।
इस काम को करने पर महीने में तीन चार हजार रुपए उसे प्राप्त होंगे।
यह सब सुनकर मुझे उस पर बहुत दया आई, और मैंने उससे कहा आप अपना कांटेक्ट नंबर मुझे दे दो बेटे , मैं आपके लिए कुछ कोशिश करूंगा।
कहीं अच्छी जगह जाब के लिए बात करने के पश्चात् आपको सूचित करूंगा ।
मेरे कहने पर उसने मुझे अपना नंबर दे दिया। इसके बाद मैंने उसे उचित राशि देकर विदा किया।
कुछ समय यूं ही गुजर गए , मैं व्यस्तता की वजह से में इस घटना को भूल गया था ।
लेकिन आज एक दैनिक अखबार को पढ़ते समय वर्गीकृत कालम में आवश्यकता है टेलीफ़ोन पर बैठने के लिए युवक युवतियों की पर अचानक मेरी नज़र पड़ी तो उस बच्ची की याद आ गई।
मैंने दिए गए नंबर पर तुरंत फोन लगाया और यही सोच कर कि यह संस्था कहां पर है, और फिर उस बच्ची को मैं इस नंबर पर संपर्क करने की सलाह दे देता।
अब मेरी गल्ती ये थी कि मैंने रात के पौने दस बजे उस अंजान नंबर पर फोन किया।
मेरे फ़ोन करने पर सामने वाले शख्स ने फोन तो उठाया और मेरे से पूछने पर मैंने कहा मुझे इस नौकरी की कोई आवश्यकता नहीं है, मैं तो एक डाक्टर हूं और किसी अन्य के लिए मैंने फोन किया था सिर्फ यह जानने के लिए कि आपकी एकज़ेक्ट एड्रेस क्या है ?
इस पर उधर से जवाब आया, आप डाक्टर हैं और इतनी रात को फोन कर रहे हैं, सारा दिन निकल गया ?
इस पर मैंने जवाब दिया ” आई एम एक्स्ट्रीमली सौरी ”
मैंने उनको बताया कि सारा दिन निकल गया अब मैं अखबार देख पाया हूं। इसके बाद उनसे पुनः मैंने क्षमा मांगते हुए अपना फोन काट दिया , लेकिन दिलोदिमाग में यह बात उमड़ती घुमड़ती रही काफी समय तक , कि मैं ग़लत था या समय ही मैंने ग़लत चुना था अच्छे काम के लिए ?

डॉ. मन्तोष भट्टाचार्य
मदर टेरेसा नगर, जबलपुर
( म.प्र )

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here