किन्नरों के समारोह – टी एस शान्ति , मदुरै , तमिल नाडु

किन्नरों के समारोह

किन्नरों सब लोगों भाग लेने वाले समारोह कूत्ताण्डवर हैं। उत्तर तमिल नाडु में द्रौपदी पूजा के साथ अरवान पूजा में सब लोगों भाग लेते हैं। महाभारत में बलि के लिए अरवान तैयार होता है। अरवान कृष्ण के पास एक शर्द रहते हैं। मुझे एक दिन के लिए शादी करना होगा। उस शर्द को कृष्ण हाँ कर देते हैं। फिर कृष्ण मोहिनी रूप लेकर अरवान से शादी कर लेते हैं और अरवान को सुख देते हैं। इसे उल्लेखत करके किन्नरों चैद्र मैंने में पूर्णिमा के बाद आने वाले मँलवार को शादी कर लेते हैं। सब किन्नरों को अरवान मंदिर के पण्डित जी मँगल सूत्र बाँते हैं। और दूसरा दिन बुधवार को अरवान शरीर को काट देते हैं। किन्नरों ने उस समय अपने हाथ का कँगन तोडकर, पहला दिन की अपने गले के मँगल सूत्र को तोड दते हैं। फिर उन लोगों विडो बनकर सफेद साडी पहन लेते हैं। इस समारोह में भाग लिया हुआ किन्नरों तीन दिन से तीस दिन तक उपास रहकर सफेद साडी पहनते हैं। तीस दिन के बाद फिर रंग के कपडे साडि पहने लगते हैं। हर गाँव से किन्नरों इस समारोह में शामिल होते हैं। पुराने जमाने से यह समारोह चलते आया है। कुछ साल से इस समारोह में किन्नरों भाग लेते हैं। यह प्रथा प्राचिन काल से हैं।

टी एस शान्ति
मदुरै तमिल नाडु
9486207819

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