वैश्य रत्न राष्ट्र कवि मैथलीशरण गुप्त स्मृति साहित्य समागम व कवि सम्मेलन ने रचा आजादी के अमृत महोत्सव का इंद्रधनुष

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वैश्य रत्न राष्ट्र कवि मैथलीशरण गुप्त स्मृति साहित्य समागम व कवि सम्मेलन ने रचा आजादी के अमृत महोत्सव का इंद्रधनुष
इटारसी।
वैश्य महासम्मेलन,मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिला साहित्य प्रकोष्ठ व जिला इकाई द्वारा,वैश्य रत्न राष्ट्रकवि श्री मैथलीशरण गुप्त की स्मृति में एक साहित्य समागम व कवि सम्मेलन का आयोजन ईश्वर रेस्टोरेंट सभागार,न्यास कालोनी,इटारसी में *विधायक डा. सीतासरन शर्मा के मुख्य आतिथ्य में,नवनिर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे एवं नपा में विधायक प्रतिनिधि जगदीश मालवीय के विशिष्ट आतिथ्य में* किया गया । जिसमें प्रदेश व जिले के प्रख्यात कवि गण संतोष व्यास, कैलाश डोंगरे,जयकृष्ण चांडक हरदा, बाबूलाल कदम, सुभाष यादव, ब्रजकिशोर पटेल,रामकिशोर नाविक, साजिद सिरोंजवी, श्री मिलिंद रोंघे व वैश्य महासम्मेलन के जिला साहित्य प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष वरिष्ठ कवि चंद्रकांत ने शिरकत की। संचालन ब्रजकिशोर पटेल ने किया। 4 घंटे तक अविराम चला कार्यक्रम दो भागों में हुआ। प्रथम भाग में राष्ट्र कवि श्री गुप्त को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व विधायक डॉक्टर सीतासरन शर्मा ने कहा कि श्री गुप्त देश के प्रति समर्पित एक सच्चे देशभक्त राष्ट्र कवि थे। इस अवसर पर नपा अध्यक्ष पंकज चौरे ने पुनः नपा द्वारा एक कवि सम्मेलन कराने की पुरानी परंपरा प्रारंभ करने की घोषणा की। दूसरे भाग में कवि सम्मेलन हुआ जिसमे सभी कवियों ने उनकी परंपरा की ही, अपनी कविताओं का पाठ किया। कैलाश डोंगरे की कविताओं ने नए आयाम रचे। एक अंश, मैं एक अंतहीन अंत की और बढ़ रहा हूं/ मैं क्षितिज के पार जाना चाहता हूं/ सुना है वहां,धरती व आकाश मिलते हैं/ पर यथार्थ है,दोनों कभी नहीं मिलते हैं। ब्रजकिशोर पटेल ने व्यवस्था पर तीखे व्यंग्य किए। एक वानगी, मिट्टी वतन की माथे का, चंदन बनाये रखना।
भारत मां से प्यार का बंधन बनाये रखना। ।
जलते हुये सवालों से गुजरेगी ये सदी,
चिंतन को आप अपने कुंदन बनाये रखना। चंद्रकांत अग्रवाल ने अपने प्रख्यात गीता गीत से कवि सम्मेलन को आध्यात्मिकता प्रदान की। उनके गीत का एक पद, सहना सीखो पर्वत के जैसा अविचल, रहना सीखो नदियों से उन सा निर्मल। देना सीखो पेड़ों से फल मीठा – मीठा, लेना सीखो बच्चों से वो जैसा जीता। गीतकार रामकिशोर नाविक के गीत व गजल भी खूब सराहे गए,
सुकूं मिलेगा मज़ा करेगा,
जो औरों का भला करेगा।
वो रो रहा है उसे हँसा दे,
तेरी इबादत ख़ुदा करेगा।
बता कमाई, मुहब्बतों का,
कहाँ से कर्ज़ा अदा करेगा। वरिष्ठ कवि संतोष व्यास ने राष्ट्र प्रेम की गंगा संवाहित की तो बेटियों पर भी दो कविताएं पढ़ीं, कुछ लिख ले कुछ पढ़ बेटी। जीवन पथ पर बढ़ बेटी । उच्च शिखर पर चढ़ बेटी। बाबूलाल कदम की क्षणिकाएं सभी ने खूब सराही। “बोलने की आज़ादी है, तो चुप रहता है कौन, बहुत हुआ तो कभी, दो मिनट का मौन। हरदा के कवि जयकृष्ण चांडक की गजलें भी बहुत पसंद की गईं, हवा का हो कोई भी रुख हमेशा मोड़कर देखा,
जो बंधन जातियों का था उसे भी तोड़कर देखा। देश क्या है वतन से प्रेम करना किसको कहते हैं,
पता मुझको चला जब इक तिरंगा ओढ़कर देखा। शायर साज़िद सिरोंजवी के कलाम भी खूब पसंद किए गए , जब से गमे हयात की शिद्दत चली गई,सच पूछिए तो जीस्त की लज्जत चली गई। हमने दगा,फरेब से दौलत तो कमा ली,लेकिन घरों से रूठकर बरकत चली गई। सुभाष यादव भारती की कविताएं भी सराही गईं। आने वाली पीढ़ी को सम्हालो
जिससे कायम हो सके फिर से भाईचारा
हम गर्व से कह सकें
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुतां हमारा
मिलिंद रोंघे ने अपनी कविताओं द्वारा लोकतांत्रिक सिस्टम पर तीखे कटाक्ष किए। ‌ प्रारंभ में वैश्य महासम्मेलन के चार्टर जिलाध्यक्ष चंद्रकांत अग्रवाल, सूत्रधार व जिला संयोजक,साहित्य प्रकोष्ठ , संजय अग्रवाल शिल्पी,जिलाध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारणी सदस्य दीपक अग्रवाल,जिला मीडिया प्रभारी हरीश अग्रवाल, रवि अग्रवाल, महिला इकाई अध्यक्ष श्रद्धा अग्रवाल,जिला कार्यकारिणी परामर्श दाता विश्वनाथ सिंघल,अशोक सांवरिया,संतोष सोनी,अनिल राठी, गुलाबचंद अग्रवाल,राजेंद्र अग्रवाल भौरा वाले, गोविंद बांगड़, रीतेश दर्डा सहित सुरेंद्र अग्रवाल,राजू रामचंद्र, संजय अग्रवाल व सभी पदाधिकारी जिला इकाई,नगर इकाई,महिला इकाई व युवा इकाई , ने अतिथियों व कवियों सहित उपस्थित नवनिर्वाचित पार्षदों अपील समिति सदस्य मनीषा अग्रवाल, राकेश जाधव, श्रीमती गीता पटेल,श्रीमती अमृता ठाकुर,श्रीमती मीरा यादव, अमित विश्वास,मंजीत कलोसिया,राहुल प्रधान,शुभम गौर,कुंदन गौर का सम्मान किया। इस अवसर पर संगीतकार ब्रजमोहन दीक्षित,डॉक्टर आर बी अग्रवाल,संदेश पुरोहित,एडवोकेट अशोक शर्मा,बेनी शंकर शर्मा,जितेंद्र ओझा,शिव भारद्वाज,शैलेंद्र दीक्षित,मनीष ठाकुर, उमेश पटेल, राकेश गौर,देवेंद्र पटेल, अनिल मिहानी, राहुल चौरे,नवनीत कोहली, अमन अग्रवाल आदि कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। आभार दीपक अग्रवाल ने व्यक्त किया।

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