काव्य भाषा : आओ चलें आजादी का अमृतमहोत्सव मनाए – राजीव रंजन शुक्ल पटना, बिहार

आओ चलें आजादी का अमृतमहोत्सव मनाए

आओ चलें आजादी का अमृतमहोत्सव मनाए
हर घर तिरंगा फहराए
वीर कूवर सिंह, मंगल पांडे, तात्या टोपे,रानी लक्ष्मी बाई
न जाने कितनों ने आजादी के लिए अपनी जान गवाई
भारत की आजादी की वेदी पर हुए अनगिनत शहीद
लड़ रहे थे आप मातृभूमि के लिए चाहे हो होली,दिवाली और ईद
महात्मा गांधी, सुखदेव, राजगुरु ,भगत सिंह, बल्लभ भाई पटेल
चन्द्रशेखर आजाद ,सुभास चंद्र बोस
आप सभी वीरों ने उड़ाए थे अंगरजो के होश
महात्मा गांधी ने अहिंसा को बना हथियार
स्वयं को सर्वशक्तिशाली मानने वाले अंग्रेजों पर किया था वार
देश के इन वीर शहीदों को करते हम बारम्बार प्रणाम
आपकी शहादत ने ही दिया विश्व मे आजाद भारत का नाम
भारत देश रच रहा उन्नति के अब नित-नए नए आयाम
आओ चलें आजादी का अमृतमहोत्सव मनाए
हर घर तिरंगा फहराए ॥
वर्ष उनईस सौ सैतालीस दिन 15 अगस्त
हमारे वीर पूर्वजों के प्राक्रम से हो पस्त
उस समय के दुनिया का सर्वशक्तिशाली राज ब्रितानिया
भारत छोड़ कर भागा अपनी दुनिया
किया था हमने भारत की आजादी का अमृतपान
जिसके लिए दिया न जाने कितने शहीदो ने अपने प्राण
आओ चलें आजादी का अमृतमहोत्सव मनाए
हर घर तिरंगा फहराए ॥
इस आजादी के अमृत प्रदाता
सभी शहीदों के लिए हम शीश झुकाए
इन वीर शहीदों को शत शत प्रणाम
आत्मनिर्भता को कर लक्ष्य चलो हम करे ऐसे काम
देश उन्नति के गढ़े नित-नए आयाम
लड़ा शहीदों ने आजादी का रण
इन वीरों के बलिदान का करें हम सदैव स्मरण
बनेगे हम आत्मनिर्भर लेते है इसका प्रण
महोत्सव यह
देश के लिए त्याग और बलिदान के स्मरण का है
देशभक्ति की भावना के अनुराग का है
इस महोत्सव को चले हम मनाए
नए संकल्पों का अमृत बनाए
आजादी के 75 साल पर अपने उपलब्धियां पर हम गर्व मनाए
आओ चलें आजादी का अमृतमहोत्सव मनाए
हर घर तिरंगा फहराए ॥
नए संकल्प के साथ अपनी मातृभूमि को विश्व गुरु बनाए
एकता और अनुशासन से भारत माता का करें जयकार
विश्व गुरु बने भारत फिर मिलकर कुछ ऐसा करें सहकार
आओ चलें भारत की आजादी का अमृतमहोत्सव मनाए
इस आजादी के अमृत प्रदाता
सभी शहीदों के लिए हम शीश झुकाए
आओ चलें आजादी का अमृतमहोत्सव मनाए
हर घर तिरंगा फहराए ॥

राजीव रंजन शुक्ल
पटना बिहार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here