नागरिक पत्रकारिता : रानी शर्मा की आत्महत्या की सी बी आई जांच हो – विनोद कुशवाहा,इटारसी

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रानी शर्मा की आत्महत्या की सी बी आई जांच हो

महोदय ,

मध्यप्रदेश ओद्योगिक विकास निगम की प्रबंधक रानी शर्मा ने अंततः भोपाल में पांचवी मंजिल स्थित अपने घर की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली । हालांकि पुलिस को घटना स्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है । फिर भी प्रथम दृष्टया ये आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है लेकिन प्रश्न ये उठता है कि रानी शर्मा की मौत के लिये जिम्मेदार कौन है ? इस संबंध में रानी शर्मा के पिता के बयानों को गम्भीरता से लिये जाने की जरूरत है । रानी शर्मा के पिता वेदराम शर्मा का कहना है कि उनकी बेटी को अधिकारी प्रताड़ित करते थे । काम को लेकर रानी शर्मा पर दवाब बनाया जाता था । इतना ही नहीं कार्यस्थल पर उसके साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता था । अधिकारी उनकी बेटी को सस्पेंड करने और यहां तक कि उसको बर्खास्त करने की धमकी देते थे । रानी शर्मा को काम के बहाने देर रात तक रोक कर रखा जाता था । रानी शर्मा के पिता वेदराम शर्मा ने एक दैनिक अखबार से बात करते हुए दो अधिकारियों का विशेष रूप से उल्लेख किया है । एक तो पी एस शुक्ला दूसरे उनके सहायक बरोनिया । रानी शर्मा अपने इन अधिकारियों से बहुत बुरी तरह डरी हुई थीं । ज्ञातव्य है कि रानी शर्मा मूलतः ग्वालियर की रहने वाली थीं । अपने माता पिता से बातचीत में रानी शर्मा हमेशा उपरोक्त अधिकारियों की शिकायत करती थीं । उसका कहना था कि उसके सभी अधिकारी आई ए एस हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता । ऐसी कितनी ही रानी शर्मा हैं जिन पर काम का दवाब बनाकर आई ए एस अधिकारी उनका हर तरह से शोषण करते हैं । इन आई ए एस अधिकारियों की रंगीन तबियत के किस्से आये दिन अखबारों में छपते रहते हैं मगर अफसोस कि ऐसे बिगड़ैल आई ए एस अधिकारियों के खिलाफ कोई सख्त कार्यवाही नहीं होती जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कभी इन महिलाओं के भाई होने का दावा करते हैं तो कभी इनके मामा बन जाते हैं । इधर कर्मचारी संगठनों ने ऐसे रंगीन तबियत के आई ए एस अधिकारियों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है । मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को सौंपे अपने ज्ञापन में कर्मचारी नेताओं ने उपरोक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है । उनकी इस मांग का प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी समर्थन किया है । यहां ये भी उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों में तीन लाख से भी ज्यादा पद रिक्त हैं जिसके चलते एक कर्मचारी को दो अतिरिक्त कर्मचारियों का काम करना पड़ रहा है । इस वजह से कार्यरत कर्मचारी न केवल मानसिक तनाव में जी रहे हैं बल्कि शारीरिक शोषण का भी शिकार हो रहे हैं । रानी शर्मा पर अधिकारियों का इतना आतंक था कि रक्षा बंधन पर घर जाने के लिए छुट्टी लेने की उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी । आखिर थक हारकर रानी शर्मा ने आत्महत्या कर ली । वह भी तब जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उसके तथाकथित भाई हैं । बावजूद इसके मुख्यमंत्री ने अब तक रानी शर्मा प्रकरण को गम्भीरता से नहीं लिया है । क्या इसका ये अर्थ निकाला जाए कि इन आई ए एस अधिकारियों को शासन प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है ?

विनोद कुशवाहा
एल आई जी / 85
प्रियदर्शिनी कॉलोनी
इटारसी .
96445 43026

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