काव्य भाषा : ऊंचा रखेंगे भारत का मान – डॉ तारा सिंह अंशुल लखनऊ

ऊंचा रखेंगे भारत का मान

विश्व पटल पर सदा ही ऊंचा रखेंगे भारत का मान
आज़ादी के अमृत महोत्सव का न हो कभी अवसान

राष्ट्रीय एकता अखंडता संप्रभुता का है आन तिरंगा
भय व्याप्त सभी दुश्मनों में भारत से न लेंगे पंगा

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हम भारतीय जन मन का अरमान
विश्व पटल पर सदा ही ऊंचा रखेंगे भारत का मान

नभ अपना हो स्वच्छ सदा रहे धरती पर हरियाली
जहां घरों में भरे धन धान्य स्वस्थ हँसी हो खुशहाली

मातृ भूमि के वीर सपूतों इसका सदा रखिए ध्यान
विश्व पटल पर सदा ही ऊंचा रखेंगे भारत का मान

अमृतवेला सुबह की वेला ऐसा ही निज हर संकल्प
हर मन में भावना देश भक्ति का इसका न है विकल्प

ध्वज तिरंगा फलक पर फहरे है ये भारत की पहचान
आज़ादी के अमृत महोत्सव का न हो कभी अवसान

शेखर आजाद भगत सिंह को हर दिन याद करेंगे
क्रांतिवीरों से हुईं नाइंसाफी किससे फरियाद करेंगे

कभी न पूछें देश ने आखिर दिया हमको क्या है
बस यह सोचें देश के लिए यूं किया हमने क्या है

हम लें संकल्प न होने देंगे आजाद वतन की शाम
अमर शहीदों के बलिदान को न होने देंगे यूं बदनाम

लेते हैं संकल्प राष्ट्र राष्ट्रीय ध्वज हेतु दे देंगे ये जान
विश्व पटल पर सदा ही ऊंचा रखेंगे भारत का मान

डॉ तारा सिंह अंशुल
लखनऊ

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