काव्य भाषा : गीत हर घर तिरंगा – डॉ (सुश्री) शरद सिंह,सागर

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गीत
हर घर तिरंगा

– डॉ (सुश्री) शरद सिंह

लहराए तिरंगा हर घर में
फहराए तिरंगा हर घर में….

रहे हरित से हरियाली
श्वेत रंग से खुशियाली
जोश भरे केसरिया रंग
नील चक्र भी भरे उमंग

मुस्काए तिरंगा हर घर में
लहराए तिरंगा हर घर में
फहराए तिरंगा हर घर में….

यही हमारा है अभिमान
यही हमारा है सम्मान
इसके लिए समर्पित हैं
अपने तन, मन प्रान

इतराए तिरंगा हर घर में
लहराए तिरंगा हर घर में
फहराए तिरंगा हर घर में….

हमको इस पर है नाज़ सदा
इसको छूऐ न कभी मृदा
ये है स्वतंत्रता की पहचान
ये सबसे सुंदर और ज़ुदा

बस जाए तिरंगा हर घर में
लहराए तिरंगा हर घर में
फहराए तिरंगा हर घर में….
————-
सागर (मप्र)

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