काव्य भाषा : आओ अमृत महोत्सव मनाएं -सरिता सुराणा , हैदराबाद

आओ अमृत महोत्सव मनाएं

आओ अमृत महोत्सव मनाएं
आजादी की गौरव गाथा गाएं।
याद करें आजादी के रणबांकुरों को
गुमनामी के अंधेरों में खोए उन वीर शहीदों को
श्रद्धानत हम शीश नवाएं।
आओ अमृत महोत्सव मनाएं।।
न भूलें बाल, पाल और लाल के साहस को
भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदानों को
सुभाष, पटेल और शास्त्री की दूरदर्शिता को
नमन वीर सावरकर, लालाजी और खुदीराम बोस को
गीत उनके सम्मान में हम गाएं
आओ अमृत महोत्सव मनाएं।।
याद करें रानी लक्ष्मीबाई की शौर्य गाथा को
दुर्गा भाभी की व्यूह रचना और समर्पण को
भीकाजी कामा और रामराजी के अद्भुत साहस को
रामादेवी के अनूठे नमक सत्याग्रह को
जिन सबने मिलकर क्रान्ति की मशाल जलाई।
आजादी के समरांगण में रणचण्डी बन हुंकार लगाई।
उनके नाम का एक-एक दीपक जलाएं।
आओ अमृत महोत्सव मनाएं।
आजादी की गौरव गाथा गाएं।।

सरिता सुराणा
वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखिका
हैदराबाद

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here