काव्य भाषा : दोस्ती – चेतनाप्रकाश चितेरी प्रयागराज

दोस्ती

दोस्ती में,
भेदभाव नहीं होता ,
दोस्ती में ,
अटूट प्रेम होता है।

दोस्ती में ,
ना कहने की गुंजाइश नहीं होती,
दोस्ती में ,
समर्पण की भावना होती है।

दोस्ती में ,
धन दौलत का कोई मोल नहीं ,
दोस्ती मे ,
सहयोग की भावना होती है।

दोस्ती में ,
घृणा की भावना नहीं होती ,
दोस्ती में ,
दोस्त की सफलता से दोस्त खुश होते हैं।

चेतनाप्रकाश चितेरी
प्रयागराज उत्तर प्रदेश।

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