काव्य भाषा : घर-घर तिरंगा फहरायें – अरविन्द अकेला,पटना

घर-घर तिरंगा फहरायें

अपनी तो दिल में यह आरजू,
घर-घर तिरंगा फहरायें,
चूमें अपनी पावन धरती को,
खुशी से सब नाचे गायें।
अपनी तो दिल में…।

बड़ी मुश्किल से पायी आजादी,
इसे कभी भूल नहीं जायें,
रखें देश की हर सीमा सुरझित,
मिलकर सभी यह कसमें खायें।
अपनी तो दिल में…।

नहीं पालें गद्दार गाँव-शहर में,
नहीं आतंकी को घर में बसायें,
जहाँ कहीं दिखे कोई आतंकी,
अतिशीघ्र सब मार गिरायें।
अपनी तो दिल में…।

हर दिल में रहे यह हिन्दुस्तान,
इसके लिए दे दें अपनी जान,
मुख पर रहे सदा वंदे मातरम,
विश्व विजयी तिरंगा लहरायें।
अपनी तो दिल में…।

अरविन्द अकेला,पटना-27

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