शाबर मंत्र है तुलसी की चौपाईयां-त्रिपाठी 

शाबर मंत्र है तुलसी की चौपाईयां-त्रिपाठी 

“मकरोनिया में तुलसी जयंती मनाई”
 
मकरोनिया।
“मधुबन कॉलोनी नेहा नगर मकरोनिया में युगपुरुष संत तुलसीदास जी की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई।प्रारंभ में गोस्वामी तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण किया गया, सरस्वती वंदना का स्तुति खम्परिया ने मसहूर स्वरों में गायन किया। प्रमुख वक्ता अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य पंडित महेश दत्त त्रिपाठी ने कहा कि भगवान श्री राम जी की कथा को हर घर तक सुलभ कराने वाले संत शिरोमणि पूज्य तुलसीदास जी ने आज से 600 साल पहले प्राणियों को भगवान नारायण का सानिध्य कराया, तुलसी के महाकाव्य रामचरितमानस के उत्तरकांड के दोहे कामिही नारी प्यारी जिमी लोभिहि प्रिय जिमिदय को उधृत करते हुए आचार्य महेश त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने भगवान राम को मांगा है उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को आदर्श प्रेरणादाई चरित्र में प्रस्तुत किया और उनकी आचरण को स्वयं में आत्मसात करने भक्ति मार्ग दिखाया साहित्यकार पूर्व प्राचार्य त्रिपाठी ने कहा कि उनकी चौपाइयां और दोहे साबर मंत्र की तरह हैं जो भाव बाधा भी हारते हैं और कल्याण दायक है अपने द्वादश ग्रंथों में पड़ी गंभीरता के साथ तत्कालीन विषम और विपरीत परिस्थितियों में लोकनायक तुलसी ने जिस प्रकार मानवतावादी पद का दिग्दर्शन कराया इससे पता चलता है कि उनकी मार्ग में ना कहीं कटुता है सिर्फ रामराज है इसमें किसी प्रकार का दुख जनता में नहीं है समरसता की सुगंध सर्वत्र बिखरी है सब नर करहिं परस्पर प्रीति और परहित सरिस धर्म नहीं भाई यानी दूसरों की भलाई से बड़ा कोई धर्म या पुण्य नहीं है आपसी सौहार्द सद्भावना के बल पर लोकदर्शी ऋषि गोस्वामी तुलसीदास ने जनमानस के हृदय की धड़कन को पहचान कर अवधी भाषा में ही काव्य ग्रन्थ लिखे। उनकी ग्रंथ विनय पत्रिका दोहावली कवितावली मैं भी जीवन दर्शन का पूरा व्याख्यान वर्णित है यदि राजनीति अर्थशास्त्र समाजशास्त्र मनोविज्ञान भाषा साहित्य सीखना हो तो तुलसी के द्वारा रचित ग्रंथों का पठन-पाठन नित प्रति मानव मात्र को करना श्रेस्यस्कर है आचार्य पंडित चंद्रकांत महाराज ने कहा कि किष्किंधा कांड के मंगलाचरण में गोस्वामी जी ने भगवान श्री राम को सीता अन्वेषण तत्पर कहकर वंदना करते हुए बाली के निर्वाण के बाद वही रघुनाथ  बन में एक गुफा का आश्रय लेकर चतुर्मास करते हैं    तुलसी महिला मंडल के अध्यक्ष श्रीमती ममता त्रिपाठी ने कहा कि तुलसी ने वर्षा ऋतु का रोचक वर्णन किया है पंडित सनत कुमार खमप्रिया ने कहा कि तुलसी के राम की कथा में भक्ति राजनीति थीं जिसमे विवेक शामिल था पंडित ऋग्वेद त्रिपाठी ने कहा कि यदि विद्यार्थी प्रति दिवस रामचरित मानस के कुछ दोहे पढे तो अपनी शिक्षा दीक्षा में मदद मिलेगी, तुलसी जयंती समारोह में दमोह से संतोष गौतम आदित्य पांडे,  पंडित हरिशंकर, पंडित सुरेश राज पाली अभिषेक लोधी,  मुकेश तिवारी, राजकुमार शुभम त्रिपाठी , सुबोध मलैया जिनेश कुमार जैन आदि ने सुंदरकांड का पाठ कर प्रसाद वितरण किया।

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