रिश्तों की संवेदनाओं की हृदयस्पर्शी नाट्य-प्रस्तुति

रिश्तों की संवेदनाओं की हृदयस्पर्शी नाट्य-प्रस्तुति

इटारसी!
स्थानीय ईश्वर रेस्टोरेंट्स के सभाकक्ष में विगत 03 जुलाई को रिश्तों के निर्वाह और मानवीय व्यवहारों की हृदयस्पर्शी व्याख्या पर आधारित कथा की प्रभावी नाट्य प्रस्तुति हुई। संगीत नाटक अकादमी न ई दिल्ली के सहयोग से यह नाट्य मंचन पिंक वर्ड सोशियोकल्चरल सोसायटी भोपाल द्वारा की गयी।
सुविख्यात रंगकर्मी सुनील राज की परिकल्पना, कथा और संवाद आधुनिक पारिवारिक परिवेश में रिश्तों की मनोवैज्ञानिक गुत्थियों को को बड़ी सरलता और रोचकता से प्रस्तुत करते हैं। मंचन की सबसे बड़ी खूबी रही कलाकारों का जीवंत अभिनय।
आरती विश्वकर्मा ने मां श्रद्धा और बेटी श्रुति की दोहरी भूमिका बहुत खूबसूरती से निभायी है। मां-बेटी की उम्र के अंतराल के साथ-साथ स्वभाव और सोच की विविधता को,हर्ष और विषाद के परिस्थिति जन्य आचरण को अपने सधे हुये अभनय से गजब का साधा ।
राजेश राज का निर्देशन और अभिनय ने भी नाट्य पुरस्तुति को पुर-असर बनाया। प्रकाश व्यवस्था में मुकेश जिज्ञासी और गणेश धुर्वे,आरती साहू-खुशबू,समृद्धि त्रिपाठी का योगदान रहा। ईश्वर रेस्टोरेंट्स के संचालक राजेश गौर और रंगकर्मी रत्नों साहू का विशेष सहयोग रहा।
उपस्थित प्रबुद्ध दर्शकों में प्रख्यात रंगकर्मी कर्मवीर सिंह और पवन पालीवाल,साहित्य कार ब्रजकिशोर पटेल, सुधांशु मिश्र और भगवान दास बेधड़क शामिल रहे। सभी उपस्थित दर्शकों ने नाट्य प्रस्तुति की सराहना की।

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