काव्य कुँअर आयोजित: बाहर बदल बरसे, भीतर काव्य रचनाएँ

काव्य कुँअर आयोजित: बाहर बदल बरसे, भीतर काव्य रचनाएँ

डॉ कुँअर बेचैन को रचनापाठ कर दी भावांजलि

कवि नवीन, वाजपेयी व लिली डावर भाषा सारथी सम्मान से सम्मानित

इन्दौर।
गीत ग़ज़ल और हिन्दी कविता के सशक्त हस्ताक्षर डॉ. कुँअर बेचैन जी की जन्म जयंती पर रचनाकारों ने शुक्रवार शाम उम्दा रचनापाठ कर उन्हें भावांजलि अर्पित की। बीस से अधिक वरिष्ठ व युवा रचनाकारों ने रचनापाठ किया। जिस वक्त बाहर बादल बरस रहें थे भीतर रचनाओं की बारिश हो रही थी। मातृभाषा उन्नयन संस्थान व डॉ. कुँअर बेचैन स्मृति न्यास, ऑस्ट्रेलिया द्वारा स्थानीय शासकीय श्री अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय के संगोष्ठी कक्ष में काव्य गोष्ठी ‘काव्य कुँअर’ का आयोजन किया। आयोजन में मुख्य अतिथि वरिष्ठ आशु कवि प्रदीप नवीन ‘काका’, अध्यक्षता लीली डावर, क्षेत्रीय ग्रंथपाल व विशेष अतिथि वरिष्ठ कवि हरेराम वाजपेयी एवं पटकथा लेखक एकाग्र शर्मा रहे।

संस्थान द्वारा कवि प्रदीप नवीन, हरेराम वाजपेयी व लिली डावर को भाषा सारथी सम्मान से सम्मानित किया।

अतिथि स्वागत गौरव साक्षी, मुकेश तिवारी,
अलका भार्गव, डॉ. नीना जोशी, अमित अभ्यंकर व अदिति विश्वकर्मा ने किया।

स्वागत उद्बोधन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने दिया। काव्य गोष्ठी में दामोदर विरमाल, लव यादव, अमित अभ्यंकर, अलका भार्गव, कमलेश दवे सहज, मनीष पाटीदार, अंकित विश्वकर्मा, प्रशांत चौरसे, आशीष पँवार, वाणी जोशी, मुस्कान राज, अनूप चौधरी, दास बैरागी, रुद्र प्रताप, यश शुक्ला, संचित मिश्रा, दर्शन शर्मा, गौरव ने काव्य पाठ किया। अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम का संचालन कवि अवनीश पाठक ‘सूर्य’ ने किया व आभार प्रकल्प संयोजक गौरव साक्षी व डॉ. कुँअर बेचैन स्मृति न्यास की ओर से प्रगीत कुँअर व डॉ. भावना कुँअर ने वर्चुअल रूप से आभार व्यक्त किया।

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