शिक्षक समाज में हमेशा ज्ञान का संवाहक होता है- डॉ अशोक कुमार तिवारी

शिक्षक समाज में हमेशा ज्ञान का संवाहक होता है- डॉ अशोक कुमार तिवारी

” राजौआ में हुआ प्राचार्य त्रिपाठी का भव्य विदाई समारोह”

सागर।

“भारतीय समाज में शिक्षक का स्थान सर्वोपरि है वह समग्र मानव समाज को ज्ञान का संवाहक होता है। राजौआ के प्राचार्य के रूप में त्रिपाठी ने जो यश कीर्ति अर्जित की है वह सदैव शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का मार्ग प्रशस्त करती रहेगी” यह उद्गार आज सेवानिवृत्त हो रहे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रजुआ के प्राचार्य पंडित श्री महेश दत्त त्रिपाठी के विदाई समारोह में रजुआ स्कूल के सभागार में सेवा निवृत्त उप संचालक जनसंपर्क डॉ अशोक कुमार तिवारी अध्यक्ष संगीत श्रोता समाज ने मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किये। अध्यक्षता पत्रकार सुबोध मलैया ने की। प्रारंभ में मां सरस्वती का पूजन अर्चन वेद मंत्रोच्चार के साथ पंडित सनत खंपारिया एवं पंडित रसिक बिहारी दास जी महाराज ने स्वस्ति वाचन करते हुए किया। संचालन शिक्षक श्री संतोष अहिरवार ने किया। स्वागत भाषण प्रभारी प्राचार्य श्री देवेंद्र सिंह ठाकुर उच्च माध्यमिक शिक्षक ने देते हुए शाला भवन निर्माण में त्रिपाठी जी की लगन की सराहना की। शिक्षक श्री के एन तिवारी ने कहा कि एक परिसर एक शाला में हम सब प्राथमिक शिक्षकों को त्रिपाठी जी का सदैव मार्गदर्शन मिला है।
सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षाविदपंडित महेश दत्त त्रिपाठी ने अपने सेवाकाल के संस्मरण सुनाते हुए कहा की मेरे विद्यार्थी आज भी सुख दुख में याद करते हैं शिक्षक की असली संपत्ति उसके विद्यार्थी ही हैं जिसके प्रति समर्पण भाव से शिक्षक को मान्यता मिलती है

शिक्षक के डी ठाकुर, केशव शुक्ला, अशोक पवार, संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि आज विदाई की समय में हम सब अभिभूत हैं कि 40 वर्ष की सेवा पूर्ण कर त्रिपाठी जी ने शिक्षा विभाग में बी ई ओ से लेकर अनेक पदों का दायित्व कुशलतापूर्वक निर्वाह कर सागर संभाग में अपनी पृथक छवि स्थापित की है। संस्था की ओर से स्टाफ ने शाल, श्रीफल, पुष्पमाला, श्री गणेश जी की प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया। प्राथमिक शिक्षक तिवारी के एन तिवारी, के डी ठाकुर रजुआ टापरा के शिक्षक केसव शुक्ल ने भी शाल श्रीफल एवं शाला के पूर्व छात्रों रोहित मोहित पाराशर, अमित कुशवाहा सहित सभी छात्रों ने भी तिलक पुष्पमाला से तथा पंडित सनत खम्परिया ने रुद्राक्ष की माला, शाल श्रीफल से सम्मान किया। आभार कुमारी मनीषा जैन ने व्यक्त किया। इस अवसर पर स्वाति मिश्रा, विनीता दुबे, कीर्ति चौधरी, मंदाकिनी ठाकुर, साक्षी शुक्ला, बायोमेडिकल इंजीनियर ऋग्वेद त्रिपाठी सहित ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे हैं स्मरणीय है की कि श्री त्रिपाठी अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं शिक्षा मित्र भी हैं सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षाविदपंडित महेश दत्त त्रिपाठी ने अपने सेवाकाल के संस्मरण सुनाते हुए कहा की मेरे विद्यार्थी आज भी सुख दुख में याद करते हैं शिक्षक की असली संपत्ति उसके विद्यार्थी ही हैं जिसके प्रति समर्पण भाव से शिक्षक को मान्यता मिलती है।

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