काव्य भाषा : युवा उठो – विजय कुमार हैदराबाद

युवा उठो

उठो युवक… नींद में से उठो।
आपके हाथ मे देश का भविष्य है।

लक्ष्य की ओर चलते रहो।
न रूको न डरो न झुको
बस आगे चलते रहो।

आलसी और बेपरवाह मत बनो।
समय को व्यर्थ न करो।
परिश्रम करो, विजय पावो।

स्वार्थ क्रोध को छोड़ो।
देश के लिए काम करो।
पैसों के लिए ही नही, देश के लिए सोचो।
आपके ऊपर देश निर्भर है।

नशे मे मत जियो।
बुद्धिमान बनो।
दिमाग को दौड़ाओ
विज्ञान को आगे बढ़ाओं।

माया मे मत जियो।
अनुभवों की बाते सुन लो।
बड़ो का सम्मान करो।

संस्कार को मत छोड़ो।
इंसानियत को बढ़ाओं।

तंदुरुस्त रहो, वीर बनो।
देश को बचाओ।
विश्व में अपनी ताकत दिखाओ।
देश का गौरव बढ़ाओं।

जि.विजय कुमार
हैदराबाद, तेलंगाना

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