द नाइट आउट इक्कीसवीं सदी का प्रतिनिधि उपन्यास है-प्रो विनीत मोहन औदिच्य

द नाइट आउट इक्कीसवीं सदी का प्रतिनिधि उपन्यास है-प्रो विनीत मोहन औदिच्य

सागर।
आज दिनांक 19-06-2022 को सागर के वरदान होटल में श्यामलम संस्था के तत्वावधान में श्री दीपक तिवारी पत्रकार व पूर्व कुलपति माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल के मुख्य आतिथ्य व सुप्रसिद्ध ग़ज़ल कार व सोनेटियर प्रो विनीत मोहन औदिच्य विभागाध्यक्ष अंग्रेजी की अध्यक्षता में कार्तिकेय शास्त्री के प्रथम अंग्रेजी उपन्यास द नाइट आउट का विमोचन हुआ। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो विनीत मोहन ने कहा कि कार्तिकेय शास्त्री का उपन्यास द नाइट आउट एक सार्वभौमिक विषय पर आधारित उपन्यास ऐसा जो इक्कीसवीं सदी के चार मित्रों के व्यवसाय, कार्पोरेट जगत, प्रेम जीवन और अपूर्ण आकांक्षाओं से उपजी कुंठा को उजागर करता है।
कृषकों की दयनीय दशा, युवा का मादक पदार्थों को भयग्रस्त होकर बेचना, मां – बाप की बच्चों की आकांक्षाओं पर ध्यान न देकर अपनी मर्जी थोपना आदि यथार्थ स्थितियों का वर्णन इस कृति में प्राण फूंक देता है और हम अपने आपको इससे घनिष्ठता से जुड़ा हुआ पाते हैं।
एक संपूर्ण रात्रि की विभिन्न चरणों में की गई यात्रा उनकी मानसिक स्थिति में बदलाव लाती हैं। वे स्वयं की गलतियों को पहचान कर पश्चाताप करते हैं और आत्मविश्लेषण के बाद प्रेम के माध्यम से अपने लक्ष्यों को ज्ञात कर जीवन में आगे बढ़ते हैं।
इस उपन्यास में सभी अनिवार्य तत्वों का सफलतापूर्वक लेखक ने समावेश किया है जिससे यह उपन्यास अत्यंत रोचक कृति बन पड़ी है। कथानक कसा हुआ है जो निरंतर बांधें रखता है भाषा सहज है और अंग्रेजी भाषा सीखने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए आदर्श कृति। उन्होंने कहा कि मैं सागर नगर के गौरव कार्तिकेय शास्त्री को पहले सशक्त उपन्यास के लिये हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामनाएँ व्यक्त करता हूँ ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री दीपक तिवारी जी के अलावा विशिष्ट अतिथि के रूप में डा शरद सिंह टी आर त्रिपाठी व डां मनीष झा जी ने भी उपन्यास पर अपने विचार व्यक्त किए।

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