काव्य भाषा : रुख टटोलो – आर एस माथुर इंदौर

रुख टटोलो

मौसम का रुख टटोलो
बारिशों के संग हो लो

कोई भारी कोई हल्का
इनको आपस में न तोलो

मेहनतों का फल पसीना
इस धरा के संग घोलो

चेष्टा करनी पड़ेगी
जो भी चाहो हाथ खोलो

वक्त बीता जा रहा है
व्यर्थ में इत उत न डोलो

मुश्किलों से हाथ आए
वक्त का एक पल न ढोलो

आर एस माथुर
इंदौर

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