विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री ने किया शांति धाम का भ्रमण

विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री ने किया शांति धाम का भ्रमण

इटारसी029 अप्रेल0
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री प्रशांत हरतालकर ने शांति धाम का भ्रमण किया एवं शांति धाम को कैसे इको फ्रेंडली बनाया जा सकता है, यहां पर आने वाली सामग्री का कैसा उपयोग किया जा सकता है।इस पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। ताकि यहां के कर्मचारियों के परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो सके। शांति धाम समिति के कार्यकारी सदस्य प्रमोद पगारे ने सन 2011 से रोटरी क्लब, नगर पालिका एवं नागरिकों के सहयोग से चल रही शांति धाम शमशान घाट जनभागीदारी समिति इटारसी के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री श्री प्रशांत हरतालकर ने व्यवस्था पर संतोष जाहिर किया और कहा कि उन्होंने 620 श्मशान घाटों का पूरे देश में भ्रमण किया है। वह पूरी दुनिया में श्मशान घाटों के अंतिम संस्कारों को लेकर एकमात्र अमेरिका में होने वाली कांफ्रेस में भी शामिल हुए हैं। उनका कहना था कि पर्यावरण को लेकर आने वाला समय बहुत कष्टदायीं है। बिना लकड़ी जलाए गाय के कंडे से केसे अंतिम संस्कार हो सकता है। कितनी आर्थिक बचत हो सकती है। इसकी उन्होंने विस्तार से जानकारी दी ।विश्वास दिलाया कि गो कास्ट गोबर की लकड़ी बनाने की मशीन विश्व हिंदू परिषद शांति धाम को प्रदान करेगी। लेकिन पटियाला से इटारसी तक का किराया समिति को देना होगा। इसके अलावा उन्होंने लैपटॉप पर दो महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन भी दिए जिसमें पचास लाख रुपए की लागत से बनी हुई मशीन से सोलर बिजली के द्वारा कंडे से किस तरह चिता जलाई जा सकती है एवं ₹एक लाख की लागत वाली मशीन से कंडे कम लगे ऐसा सिस्टम तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि श्मशान घाट के कर्मचारियों को यहां का वेस्टेज बेचने की जरूरत नहीं है। इन्हीं कपड़ों से महिलाएं पायदान बना सकती है। मध्य प्रदेश की टेक्सटाइल मिनिस्ट्री के अधिकारी पावर लूम भी देंगे। महिलाओं को प्रशिक्षित भी करेंगे। उन्होंने कहा कि शांति धाम में जो लोग अपने परिजन की मृत्यु पर बाल मुंडवाते हैं, उनके बाल एवं शहर के समस्त सेलून के बाल प्रतिदिन एकत्रित किए जाएं एक मशीन से इन बालों से एसिड बनता है। जो महंगा बिकता है। उन्होंने बताया कि जल ,जंगल ,जमीन बचाने के लिए समाज में जागरूकता बहुत जरूरी है। उन्होंने उदाहरण दिया कि चाइना में प्रति व्यक्ति 327 वृक्ष है। वहीं अमेरिका में प्रति व्यक्ति 187 है और आस्ट्रेलिया में प्रति व्यक्ति 150 वृक्ष है। परंतु भारत में प्रति व्यक्ति वृक्षों की संख्या केवल 27 है। उन्होंने लकड़ी से चिता जलाने के संबंध में बताया कि कई प्रकार की गैस मृत शरीर से निकलती है जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है। और हमें लकड़ी की जगह कण्डो का उपयोग करना चाहिए । इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष डॉ सुभाष दुबे एवं श्री प्रशांत तिवारी मौजूद थे।

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