“शहर-शहर अनुगूँज की गूँज” श्रृंखला में दिल्ली की काव्य संध्या में कवियों ने बिखेरे काव्य के रंग

“शहर-शहर अनुगूँज की गूँज” श्रृंखला में दिल्ली की काव्य संध्या में कवियों ने बिखेरे काव्य के रंग

अनुगूँज साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में “शहर-शहर अनुगूँज की गूँज” श्रृंखला में शनिवार २५ सितम्बर को दिल्ली प्रांत की ऑनलाइन काव्य संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें कवियों ने एक से बढ़कर एक कविताएँ, गीत, गजल प्रस्तुत कर समां बाँध दिया !
कार्यक्रम में देश-विदेश के अनेक श्रोता एवं दर्शकों ने जुड़कर काव्य गोष्ठी का आनंद लिया ! कार्यक्रम की अध्यक्षता जाने माने साहित्यकार, गीतकार डॉ० जय सिंह आर्य ने की ! संस्था की संस्थापिका/अध्यक्षा निवेदिता चक्रवर्ती ने काव्य संध्या के संयोजन एवं संचालन का दायित्व अनुगूँज संस्था के दिल्ली राज्य के प्रभारी कवि नवीन जोशी ‘नवल’ को सौपा !
कार्यक्रम में अनुगूँज संस्था के वरिष्ठ संयोजक श्री भूपेन्द्र टिक्कू, वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती सविता चड्ढा, रचनाकार कवि श्री रघुबरदत्त शर्मा ‘राघव’, संचालक नवीन जोशी ‘नवल’ एवं श्री जगत नागर ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया !
कार्यक्रम का विधिवत प्रारंभ माँ शारदे की वंदना से हुआ । कवि जगत नागर ने अंग्रेजी कविता के माध्यम से देश्भाक्तिमय वाचन करते हुए राष्ट्रध्वज तिरंगा व देश के महापुरुषों को याद किया ! कवि रघुबरदत्त शर्मा ‘राघव’ ने छंद, मुक्तक और कविता से रंग जमाया, कवि नवीन जोशी ‘नवल’ ने देश के लेखक, रचनाकारों की कलम को नमन करते हुवे अपनी रचनाओं को साहित्य एवं विद्वानों को समर्पित किया ! श्री भूपेंद्र टिक्कू ने उर्दू सहित अंग्रेजी में अपनी सुंदर रचनाओं से रंग बिखेरा ! साहित्यकार, वरिष्ठ कवियित्री सविता चड्ढा ने गज़ल एवं गीत प्रस्तुत कर वातावरण को रंगीन बनाया, वहीं काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे डॉ० जय सिंह आर्य ने अपने अध्यक्षीय भाषण में मुक्तक, माहिये और गीतों से सभी का मन मोह लिया !
काव्य गोष्ठी के समापन में ‘अनुगूँज’ साहित्यिक संस्था की ओर से श्री भूपेंद्र जी ने सभी रचनाकारों एवं श्रोताओं का धन्यवाद व्यक्त किया !