काव्य भाषा : हिन्दी वर्णमाला के क्रम में अक्षरों के प्रयोग से लिखी इस कविता को अवश्य पढ़ें -डॉ ब्रजभूषण मिश्र भोपाल

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हिन्दी वर्णमाला के क्रम में अक्षरों के प्रयोग से लिखी इस कविता को अवश्य पढ़ें

अभी
आप हैं,
इधर
ईश्वर,
उधर
ऊपर,
एक
ऐसा विश्वास है,
ओम,
और
अंत
कब हो जाये,
खग की तरह,
गगन में या
घर में,
चुपचाप,
छोड़ दें प्राण हम,

जप करें नाम राम का,
झर झर झरने की तरह या
टिप टिप गिरती बूंदों की तरह ठुकरा दें ,
डर,

ढोल बजाने दें काल को,
तब ही
थाप सुन सकेंगे जीवन की
दूर से आती हुई,
धन्यवाद करें,अदृश्य का
नश्वर शरीर से ,भय क्यों

पर हम
फल पाने की चेस्टा
बहुत करते हैं,
भीतर झाँकें,अपने
मनोरम है अन्तस,

याद रखें
रण व
लड़ाई
वाह्य है,
शक्ति भीतर है,
षड्यंत्र वाह्य है
सतत ही
है यह,
क्षमता
त्रिगुणीत करें हम
ज्ञान व ध्यान से

डॉ ब्रजभूषण मिश्र
भोपाल

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