राष्ट्रीय सेवा योजना सिखाती है सामाजिक जिम्मेदारी

राष्ट्रीय सेवा योजना सिखाती है सामाजिक जिम्मेदारी

होशंगाबाद।
नई शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय सेवा योजना को एक अलग विषय के रूप में भी रखा है | शासन के निर्देशानुसार बीए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम 15सितम्बर से 25 सितम्बर 2021तक रखा गया है |
कार्यशाला के दूसरे दिन 16 सितंबर 2021को संयोजक डॉ हंसा व्यास ने बताया कि आज विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी पर भी कार्यशाला रखी गई है, क्योंकि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल एक विषय नहीं है बल्कि वह देश के जिम्मेदार नागरिक तैयार करती है | महाविद्यालय युवाओं का केंद्र बिंदु होता है | राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में नैतिक मूल्यों का विकास करती है और उन्हें परिवार ,समाज और देश के प्रति जिम्मेदार बनाती है |अतः महाविद्यालय में नव प्रवेशित विद्यार्थियों को इसके महत्व को बताने के लिए इस विषय पर ऑनलाइन तथा ऑफलाइन कार्यशाला रखी गई |
विद्यार्थियों ने ओरिएंटेशन कार्यक्रम में जाना कि राष्ट्रीय सेवा योजना क्या है? उसका महत्व क्या है ?
इस अवसर पर शासकीय नर्मदा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ ओ .एन चौबे जी ने नई शिक्षा प्रणाली के महत्व को समझाया और उससे होने वाले लाभों को बताया | आज के प्रमुख वक्ता डॉ आर एस बोहरे प्राध्यापक कॉमर्स विभाग ,पूर्व जिला संगठक राष्ट्रीय सेवा योजना, ने एनएसएस की कार्य प्रणाली को समझाया और बताया की इसमें सर्टिफिकेट कोर्सेज होते हैं और इससे प्राप्त होने वाले ए बी और सी सर्टिफिकेट किस प्रकार नौकरी प्राप्त करने के लिए सहयोगी होते हैं |
कार्यक्रम की संयोजक डॉ हंसा व्यास ने छात्र छात्राओं को अनुशासन में रहकर कार्य करने के विषय में बताया | कार्यक्रम का आभार डॉ कल्पना विश्वास ने दिया और बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत किस प्रकार कला संकाय में विषय का चयन कर सकते हैं और उसमें अपने रोजगार को बना सकते हैं |
इस अवसर पर डॉ बीसी जोशी और डॉक्टर राजीव शर्मा ने भी अपना वक्तव्य दिया इस अवसर पर ऑनलाइन और ऑफलाइन ने 200 से भी ज्यादा छात्र-छात्राओं ने अपनी भागीदारी दी इस अवसर पर इस डॉक्टर जेके कमल पुरिया, डॉक्टर यासमीन खान डॉक्टर विकास सिंह, डॉक्टर योगेंद्र सिंह डॉ, अरविंद श्रीवास्तव और डॉक्टर सरोज जावलकर उपस्थित रहे |
कार्यशाला का उद्देश्य
1) विद्यार्थियों को नवीन शिक्षा नीति से परिचित कराना |
2)विद्यार्थियों को कोविड-19 के पश्चात की व्यवस्थाओं से अवगत कराना |
3) विद्यार्थियों को विषय से संबंधित जानकारी देना |
4)विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के महत्व के बारे में बताना |
5) विद्यार्थियों को केरियर की दिशा कैसे तय करें इस बारे में बताना |