काव्य भाषा : विश्व हिंदी दिवस – डॉ अलका पटेल जबलपुर

विश्व हिंदी दिवस

कर दीप प्रज्वलित हिंदी का,जनमानस में जलाना होगा। 
छाते घनघोर अंधेरे को हटा, विश्व में मान बढ़ाना होगा। 

कितनी मीठी भाषा सुंदर ,बोली है कितनी अलबेली। 
सद्भावना की किरणें बिखेरें ,सब में अपनत्व की बोली। 

उत्थान कराने विश्वमें हिंदी, हमारी मधुर राष्ट्रभाषा का। 
सकल जगत में आदर गौरव, गरिमा जागृत उत्कृष्टता का।

हिंदी में अभिव्यक्ति ही तो, दिखलाती संस्कारों की ताकत।
भाषा से जुड़ती है अपनत्वता, बताती इसकी अपूर्व विरासत।

हर भारतवासी को समझाएं,अपनी मीठी बोली सार्थकता। 
जोड़े सबको अतुल्य बनाती, जनमन की शाश्वत विशेषता।  

पढ़ें यदि इतिहास तो कितनी, सभ्यताओं की है ये माला।
ये सज्जित उज्जवल मणियों,जैसे रवि फैला रहा उजाला।

हो विश्व में सम्मान अतुल्य, यही उद्देश्य हमारा होना है। 
ना माने कोई हीन, उद्देश्य ले, अंतर्मन आदर से बढ़ाना है। 

गुणों को इसके अपनाकर, समर्पित होना सबको होगा।
दूजीभाषा से न हो प्रभावित, संस्कृति जागृति लाना होगा।

डॉ अलका पटेल
जबलपुर