नागरिक पत्रकारिता : देखना, पक्का ! ऐसा ही होगा !! – अजय रणजीत सिंह राजपूत इटारसी

नागरिक पत्रकारिता :
देखना, पक्का ! ऐसा ही होगा !!

आज शहर के मुख्य मार्ग पर हुई ताजा दुर्घटनाओं के बाद इटारसी रेल्वे स्टेशन के मुख्य मार्ग की यातायात व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन जाऐगी |

4 वर्ष पूर्व एक युवती की दुर्घटना में मौत होने के बाद ऐसा ही हुआ था | 2 वर्ष पूर्व एक दुर्घटना में हुई गोठी परिवार के सदस्य की असमय मौत ने इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था दुरूस्त करने के साथ मार्ग की चौड़ाई के विस्तार को लेकर सुगबुगाहटें तेज कर दी थी |
अब से अगले कुछ दिन फिर सुगबुगाहटें उठेगी चौक-चौबारे पर बात होगी उसके बाद फिर एक लम्बी खामोशी |
सब चादर ओढ़ कर सो जाऐंगे आप भी- मैं भी !
जिन्हें अमूल्य वोट देकर चौकीदारी सौंपी हैं वो पहले से ही चादर ताने सो रहे हैं |
जबकि हम जानते हैं इटारसी के अंदर आने और बाहर जाने का ये मुख्य मार्ग हैं | जो विस्तार की बाट जोह रहा हैं |
बस स्टेंड और रेल्वे स्टेशन जैसे यातायात के उपक्रमों की इस मार्ग पर मौजूदगी होने के साथ-साथ एक शहरी पुलिस स्टेशन, दो पेट्रोल पंप, सड़क के बीचो-बीच दादा का मंदिर, एक धर्म शाला, रेल्वे का मालगोदाम भी इसी 700 मीटर मार्ग पर हैं |
जब भी इस मार्ग के सुधार की चर्चाऐं होती हैं सर्वप्रथम माल गोदाम के विस्थापन व मंदिर को लेकर चर्चाऐं होती हैं | खूब होती हैं | वर्षो से सब चर्चा तक ही सीमित हैं|

शहर के मालगोदाम के शिफ्टिंग को लेकर कई वर्षो से प्रक्रिया चल रही है परिणाम आज तक प्राप्त नहीं हुऐ |

तीन वर्ष पूर्व चीफ गुड्स सुपरवाइजर (सीजीएस) बीएल मीणा ने व्यापारियों के प्रतिनिधि की बैठक लेकर माल गोदाम के विस्थापन को लेकर चिन्हित चार स्थान के बारे में जानकारी दी थी |
शायद विभाग भूल गया हो मैं याद दिलाता हूँ |
पहला था यार्ड के जीसी-4 से जीसी-5 के बीच में एसी शेड के पीछे पड़ा खाली भूकंड, दुसरा बेगन रिपेयर सेंटर, तीसरा कोयला साइंडिग, चौथा स्थान तीन बंगला स्थिति अस्पताल के पास खाली पडा़ बडा़ सा भूखंड |
रेल्वे अधिकारियों की टीम ने इन चार स्थानों का चयन कर ऊपर भेजा था | इनमें एक स्थान का चयन होना बताया गया था पर अब तक चयनित स्थान की घोषणा नहीं हुई यानि कुल मिलाकर नतीजा शिफर ही रहा |
उस वक्त मिडिया ने बताया था कि निजी लॉजिस्टिक हब वालों से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए ट्रक ऑनर एसोसिएशन ने मालगोदाम शिफ्ट करने का विरोध किया था |
व्यापारी हितो के लिए विरोध उचित हो सकता हैं पर समाधान निकालने में इतना लंबा अंतराल रेल्वे की प्रक्रिया और अधिकारीयों के नेतृत्व पर प्रश्न चिन्ह लगाता हैं |
प्रश्न चिन्ह केवल रेल्वे के प्रशासनिक अमले पर ही नहीं यातायात प्रभार पर भी हैं और शहर के शीर्ष नेतृत्व संभाल रहें जनप्रतिनिधि पर भी |
व्यवस्था के मद्दे नजर शहर में नगरीय क्षेत्र में भारी वाहनों की रेलमपेल रोकने के लिए सुबह 9 से रात 9 तक भारी वाहनों का प्रवेश निषेध होता हैं पर दिन रात इस मार्ग पर भारी वाहन दैत्यों की तरहा दौड़ते देखे जा सकते |
ये पहले भी था अब भी हैं |

3 किलोमीटर में सिमटा इटारसी अव्यवस्था की भेंट में अपने नागरिकों की जान दांव पर लगा देने को तैयार है पर बदलाव को तैयार नहीं | कभी इटारसी के मुहाने पर स्थित रहा नेशनल हाईवे आज शहर के अंदरूनी हिस्से में मौजूद हैं | शहर की सड़कों पर नित्य नई दुर्घटना गंभीर चिंता का विषय है। | साल दर साल सड़क दुर्घनाओं में नागरिकों के जान जाने का आँकड़ा बढ़ता ही जा रहा हैं | शहर के अंदर की दुर्घनाएं एक अलार्म की तरहा विगत कई सालों से सचेत करती आ रही हैं पर हम हैं कि जागते ही नहीं !

अजय रणजीत सिंह राजपूत
इटारसी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here