लघुकथा : पोस्टर – महेश राजा,महासमुंद

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पोस्टर

वे दीवारों पर से राष्ट्र-विरोधी पोस्टर हटाकर साम्प्रदायिक सद्भाव के पोस्टर चिपका रहे थे।

मैंने पूछा,”-क्या ‘दीवारों पर पोस्टर चिपकाने से देश मे साम्प्रदायिक सद्भाव कायम हो जायेगा?”

वह बोले-“यह तो हम नहीं जानते….हम तो केवल इतना जानते हैं कि एक पोस्टर दीवार पर चिपकाने की हमारी मजदूरी पांच रूपये है।”

महेश राजा
कालेज रोड.महासमुंद।छत्तीसगढ़।
9425201544

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