काव्य भाषा : ऐ समय फिर कब आओगे? -रानी पांडेय,रायगढ़

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ऐ समय फिर कब आओगे?

मेरा शहर खास है,
लेकिन वो आज उदास है।
चुप हो गयी राहें ,
सुनी गलियों की बांहे,
रूदन- क्रदं से क्षीण,
हे देव, दृश्य ये भीष्ण,
काल के कपाल पर क्या
ताजमहल बनवाओगे?
ऐ समय फिर कब आओगे?
शयन श्वेतांबर तले,
सफर अब सिफर का,
नव निर्माण का पथ ये,
तय हमे ही करना,
ये प्रतिबंध प्रकृति का,
सहज जीवन धरती का,
अस्तित्व अपने उत्सव का
बोलो कैसे लौटाओगे?
ऐ समय फिर कब आओगे?
राजा हो तुम,
राजा ही रहना,
हमारी भूलों को,
क्या नही भुलाओगे?
ऐ समय फिर कब आओगे?

रानी पांडेय,
वृन्दावन कालोनी
रायगढ़

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