लघुकथा : हिसाब किताब – महेश राजा महासमुंद

22

हिसाब किताब

बेटे की शादी के बाद अखिलेश जी हिसाब लगा रहे थे,खर्च की।बेटे को पास बुला कर कहा,बेटे बहुत खर्च करवा दिया तुम लोगों ने।

बेटा हँसा,फिर बोला,कुछ भी कहते हो पापा,आपकी बहु जो क्रेडा कार लायी है न उसी में सब वसूल हो गया।उपर से ससुर जी ने शहर की महँगी जमीन आपकी बहु के नाम कर दी है,उसकी कीमत लाखों रूपये है।

महेश राजा
महासमुंद।छतीसगढ।
9425201544

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here