काव्य भाषा : भारतीय नारी – अमृतांशु शुक्ला,रायपुर

भारतीय नारी

कृष्ण सा पुकारो साफ हृदय से तो,
भारतीय नारी राधा रानी बन जाएगी।
वियोग भी सहेगी मीरा विष भी पीयेगी वो,
दुनिया में प्रेम की निशानी बन जाएगी।।
लव-कुश को लेकर वो जंगल मे रह लेगी,
आत्म सम्मान की सीता कहानी बन जाएगी।
बात स्वाभिमान की जब आन पर आये तो,
आग में जलकर पदमिनी मानी बन जाएगी।।
मातृ भूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण देकर वो,
देशप्रेम की लक्ष्मीबाई प्रतिमानी बन जाएगी।
घर भी सम्हाल लेगी, बच्चे भी पाल लेगी,
पढ लिख कर कल्पना सी विज्ञानी बन जाएगी।।
ज्ञान और स्वतंत्रता से इनके पर खुलने दो अब,
आकाश मे उडेंगी ये, आसमानी बन जाएगी,
मान दो, सम्मान दो, इनको पहचान दो,
ये अपने भारत की अगवानी बन जाएगी।।

अमृतांशु शुक्ला,
ग्राम -टेमरी (छत्तीसगढ़)

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