जानिए क्या है प्लाज्मा थेरेपी :कौन कर सकता है प्लाज्मा डोनेट -गिरीश कुसुमाकर , इंदौर

जानिए क्या है प्लाज्मा थेरेपी :कौन कर सकता है प्लाज्मा डोनेट

आपदा के इस दौर में संक्रमित लोगों की जान बचाने के लिए गंभीर रोगियों के लिए बेड , आक्सीजन, रेमडेसिवीर इंजेक्शन, प्लाज्मा और आवश्यक होने पर वेंटीलेटर की सबसे ज्यादा आवश्यकता है !! इनकी अपर्याप्तता ने जरूरतमंद इंसान की नींद हराम कर रखी है !! ज़िंदगी चौसर के पाँसे बन चुकी है !!
इस लेख के जरिए हम प्लाज्मा के बारे में कुछ उपयोगी तथ्यों को जानने की कोशिश करेंगे !! अब शुरू करते हैं इसकी बातें —

• प्लाज्मा क्या है ??

प्लाजमा खून में मौजूद पीले रंग का तरल पदार्थ है !! इसकी मदद से सेल्स और प्रोटीन शरीर के विभिन्न अंगों में खून पहुँचाता है !! शरीर में इसकी मात्रा 52 से 62 फीसदी तक होती है !! वहीं रेड ब्लड सेल्स 38 से 48 प्रतिशत तक होता है !!

• प्लाज्मा थेरेपी क्या है ??

जो कोविड पैशंट्स ठीक हो गए हैं उनसे प्लाज्मा की अपेक्षा की जाती है क्योंकि उनकी बाॅडी एंटीबाडीज होती है !! यह एंटीबाडीज एंटीजन से लड़ने में मदद करती है !! इसलिए यह कोविड संक्रमितों को दिया जाता है !! डॉक्टर के अनुसार एक इंसान के प्लाज्मा से दो रोगियों की जान बचाई जा सकती है !!

• कौन कर सकता है प्लाज्मा डोनेट

1. प्लाज्मा डोनेट करने के लिए कोविड रिपोर्ट निगेटिव होनी चाहिये !! इसकी हार्ड काॅपी और आधार कार्ड की काॅपी साथ में होनी चाहिए !!
2. कोविड से ठीक होने के 14 से 21 दिन बाद इसे डोनेट कर सकते हैं !!
3. अठारह (18) से अधिक लेकिन साठ (60) वर्ष वाले स्वस्थ व्यक्ति इसके लिए सुपात्र हैं !!
4. 50 किलो से ज्यादा वजन वाले स्वस्थ व्यक्ति भी ब्लड दे सकते हैं !!

• प्लाज्मा डोनेट कौन नहीं कर सकता

1.डायबिटीज ,कैंशर, हाइपरटेंशन, किडनी, लीवर के मरीज !!
2. जो महिला प्रेगनेंट है या पहले गर्भवती रह चुकी है !!
3. अस्पताल में भरती बीमार व्यक्ति या जिसकी घर पर दवाइयाँ चालू हो !!

• प्लाज्मा और वैक्सीन में क्या अंतर है ??

दोनों ही एंटीबाडिज पैदा करते हैं !! दोनों में अंतर यह है कि वैक्सीन वायरस को आपकी बाॅडी में फैलने से रोकता है !! यह इम्यून सिस्टम को भी धीरे धीरे मजबूत करता है !! प्लाज्मा तैयार एंटीबाडिज को दूसरे के शरीर में पहुँचकर उसे तैयार करने में तेजी से मदद करता है !!

•• विशेष —

प्लाज्मा से रिएक्शन का खतरा भी रहता है !!इससे एलर्जिक रिएक्शन या साँस लेने में प्राॅब्लम हो सकती है !! यह समस्या हजारों में किसी एक को हो सकती है !! आज की स्थिति में प्लाज्मा से अनेक रोगी ठीक हो रहें हैं !! इसके रिजल्ट बहुत आशावादी और सकारात्मक है !!

••• अंत में —

कोविड की गिरफ्त में आने के बाद अस्पताल में मुझे चालीस हजार वाला एक और बत्तीस सौ रुपये वाले छः इंजेक्शन लगवाना पड़े थे !! निममित दवाइयाँ और आक्सीजन के साथ ही दो यूनिट “प्लाज्मा” भी चढ़ाया गया !! मलाल इस बात का है कि मैं चाहकर भी अपना प्लाज्मा किसी को भी डोनेट नहीं कर सकता !! उम्र और सदाबहार बीमारियों ने मानव सेवा का यह अवसर मुझसे छीन लिया !! और हाँ, जब तक मैं एडमिट रहा तब तक मेरे वार्ड में एडमिट सभी साथियों का हौसला बढ़ाने और उनके स्वस्थ मनोरंजन के लिए यथाशक्ति सक्रिय रहा !!

• निवेदन –

इस लेख के पाठकों से निवेदन है कि प्लाज्मा डोनेशन के लिए सुपात्र व्यक्ति को तथ्यों से अवगत करवा उसे इस सामाजिक सेवा यज्ञ में अपनी श्रेष्ठतम आहूति देने के लिए प्रेरित करें और स्वयं भी अपने को फिट पाते हो तो यह पुनीत कार्य कर ही डालें !!

• गिरीश कुसुमाकर
इंदौर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here