काव्य भाषा : आशा दीप : सुषमा दीक्षित शुक्ला

आशा दीप

आओ आशा दीप जलाएं ।
अंधकार का नाम मिटायें ।

फूलों से महकें महकाएं ।
दुखियारों के दुःख मिटायें ।

रूह जलाकर जिंदा रहना ,
जीवन की तो रीत नही ।

अंतिम हद आशा रखना ,
मानव मन की जीत यही ।

सूखे पत्तों से झड़ जाते ,
इक दिन दुःखो के साये ।

मीत हृदय को धीरज देना ,
पतझड़ ही मधुमास बुलाये ।

खुद से कभी न रूठो मितवा ,
कोई कितना तुम्हें सताये ।

नदियों जैसे बहते रहना ,
कोई कितनी रोक लगाये ।

मरने से पहले जीना मत छोड़ो,
आओ यारों नाचें गायें ।

आओ आशा दीप जलायें ।
अन्धकार का नाम मिटायें ।

सूरज से चमके चमकाएं ।
खुशियां दोनों हाथ लुटाएं ।

सुषमा दीक्षित शुक्ला

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