सरोकार : कैसे सुधरेगा हमारा इटारसी आप ही बताइए – इंजी.बीबीआर गाँधी

कैसे सुधरेगा हमारा इटारसी आप ही बताइए

जिस प्रकार से कोरोना वायरस ने २०२१ में पलटवार किया है उससे कम से कम आज तो सारा देश भयग्रस्त है. मध्य प्रदेश के बड़े शहरों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के आंकड़े जैसे भी हों लेकिन छोटे शहरों में इटारसी सबको पीछे छोड़ता फिर नज़र आ रहा है.
प्रशासन के लिए पिछले साल भी ये बड़ी समस्या थी, जैसे तैसे लगने लगा था कि ज़िन्दगी अब पटरी पर आने लगी है कोरोना ने फिर से वार करके २०२१ को भी संकट में लाकर खड़ा कर दिया है. कोविद१९ से बचाव का टीका तैयार करके जनवरी से टीकाकरण शुरू भी कर दिया लेकिन टीकाकरण अभी कुछ ही फ़ीसदी लोगों तक पहुँच पाया था कि कोरोना ने सुरसा के मुंह की तरह अपना विकराल रूप दिखाना पद रहा है.
प्रदेश की जनता फिर से लॉकडाउन के लिए तैयार नहीं है, जबकि प्रशासन को इसके अलावा विकल्प ठीक से सूझ नहीं रहा है, आये दिन आपदा प्रबंधन समिति के निर्देश बदल रहे हैं और ये बदलते नियम लोगों को और भी परेशां कर रहे हैं.
दूसरी ओर व्यापारी वर्ग अपने व्यापार में बीते साल हुए नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द चाहता है और इसी कारण संकट सामने होते हुए भी कोरोना के संक्रमण की अनदेखी कर रहा है और इसी कारण व्यापारी वर्ग में फिर से कोरोना ने घुसैठ करना शुरू कर दिया है.
स्थानीय प्रशासन भी स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रहा है और इधर इटारसी में कोरोना से संक्रमण की चपेट में आने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा होने लगा है. आज ही शहर से बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आये हैं.
बाज़ार में लोगों की भीड़ और व्यापारियों की जिद भी प्रशासन के लिए बड़ा सरदर्द बनी हुई है. इटारसी वैसे भी अव्यवस्थाओं की भरमार का शहर है ऊपर से यदि कोई अधिकारी कड़े कदम उठाने की कोशिश करता है तो तमाम तरह की झंझटों में उलझने लगता है. आम नागरिक गलतियों को करने और उन्हें लगातार दोहराने का इतना आदि हो चुका है कि किसी भी व्यवस्था या सुधार को अपनाने को तैयार ही नहीं हैं ।
पिछले कई महीनों से स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन शहर की सब्जी मंडी और फल मंडी को व्यवस्थित करने की दिशा में प्रयास कर रहा है लेकिन कतिपय कारणों से आज भी ठेले वाले बैठकी वाले बाज़ार में अनेक स्थाओं पर बैठकर आवाजाही में बाधक बने हुए हैं. ऑटो चालकों के लिए व्यवस्था बनाने की कोशिशें जो नगर की जनता के लिए ज्यादा सुविधाजनक हैं उनके क्रियान्वयन में खुद ऑटो चालक बाधा बने हुए हैं.
ये सब चलता रहा तो कैसे हमारा शहर स्वच्छ और व्यवस्थित इटारसी बन पायेगा आप ही बताइयेगा.

इंजी.बीबीआर गाँधी
(स्वतंत्र पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता)

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