काव्य भाषा : भारत माँ के लाल – सुषमा दीक्षित शुक्ला लखनऊ

भारत माँ के लाल

स्वतंत्रता के वीर शहीदों,
तुमको भुला नहीं सकते ।

त्याग एवम बलिदान तुम्हारा,
उसको भुला नहीं सकते ।

भारत मां की लाज बचाने ,
तुमने अपने प्राण दिया।

पत्नी ,प्रेयसी ,बच्चे त्यागे ,
भारत मां को प्यार किया ।

भारत मां के लाल दुलारों ,
व्यर्थ न जाए कुर्बानी ।

तुमको तो अमरत्व मिला है ,
हम सबके नयनों में पानी।

© सुषमा दीक्षित शुक्ला
लखनऊ

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