काव्य भाषा : सारा जहाँ शिव के शरण मे -रूपेश कुमार सीवान

सारा जहाँ शिव के शरण मे

जहाँ सारा दुनिया जिसकी शरण मे ,
नमन है उस भगवान शिव के चरण मे ,
हम बने उस महाकाल के चरणों की धूल ,
आओ हम – सब मिल कर चढ़ाये  उनके चरणों में श्रद्धा के फूल !

महाकाल की हमेशा बनी रहे मुझ पर छाया ,
पलट दे मेरी किस्मत की काया ,
मिले मुझको सब कुछ इस दुनिया में हमेशा ,
जो कभी किसी को न मिल पाया इस जीवन में !

महाकाल जब आएंगे मेरे द्वार ,
मेरे जीवन के गोद में भर देंगे सारी खुशियां  , 
कभी रहे न जीवन में मेरे दुखः – दर्द , 
मेरे चारों तरफ हमेशा हो जाए सुख ही सुख !

प्रभु शिव का नारा लगा कर हम ,
सारी दुनिया में हो गए हैं प्यारे – न्यारे ,
मेरे दुश्मन भी मुझसे बार – बार बोले ,
मेरे प्यारे भगवान महाकाल के भक्त हो गए हो तुम सबसे न्यारे !

रूपेश कुमार
सीवान

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