“मुलाकात” कार्यक्रम में कवि कला संगम परिवार ने साहित्यकार,सम्पादक देवेन्द्र सोनी का सम्मान किया

“मुलाकात” कार्यक्रम में कवि कला संगम परिवार ने सम्पादक देवेन्द्र सोनी का सम्मान किया

खंडवा।
कवि कला संगम परिवार “ककस ” खंडवा के तत्वाधान में
“मुलाकात” कार्यक्रम 28 फरवरी को प्रणाम सीटी के चाकरे हॉल में आयोजित किया गया जिसमें इटारसी से पधारे- साहित्यकार,सम्पादक देवेन्द्र सोनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे । आयोजन की अध्यक्षता-डॉ जगदीश चौरे ने की।
अतिथियों द्वारा माँ शारदा के छाया चित्र पर,माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया ।
अतिथियों का स्वागत दीपक व आदित्य चाकरे ने किया ।
“ककस”के संस्थापक सुनील उपमन्यु ने देवेन्द सोनी का परिचय दिया तथा उपमन्यु व उपस्थित सहित्यकारो ने मुख्य अतिथि देवेन्द्र सोनी का शाल,श्रीफल,व सम्मान पत्र से
अभिनन्दन किया ।
मुलाक़ात के इस आयोजन में देवेन्द्र सोनी ने सभी सहित्यकारों/कवियों से आग्रह किया कि वे पत्र/पत्रिकाओं को पढ़ते रहें तथा उनमें लिखने की आदत डालें ।
उन्होंने बताया कि आज आन लाइन पत्र पत्रिकाएं चलन में है जिसमे लिखने से वैश्विक पाठक समाचार/कहानी/कविता
पढ़ते ही हैं । इसके अलावा डिजिटल प्रकाशन में प्रकाशित रचना वेब पर स्थायी रूप से संरक्षित हो जाती है जिसे भविष्य में भी सर्च किया जा सकता है।
युवा प्रवर्तक वर्तमान में ऑनलाइन वेब पत्रिका है।
आप इसमें जरूर लिखें ।
आज इस मुलाक़ात कार्यक्रम मेंआप सभी साहित्यकारों से भेंट हुई । यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है तथा आपके द्वारा किए गए सम्मान और स्नेह से मेँ अविभूत हूँ।
इस अवसर पर उपस्थित बाल कवि आदित्य चाकरे ने रचनापाठ कर सब का मन मोह लिया।
समारोह में ही एक काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
जिसमे दीपक चाकरे की रचना-
“आई बसन्त की सुहानी बेला,
हजारो खुशियां बहारों का
मेला से वासन्तिक माहौल
हुआ।
प्रशांत अय्यर की गज़ल
ओढ़कर के उसकी यादो
की रजाई सो गए,
बात उसको खुद से करते,
नींद आई सो गए ने दाद बटोरी।
तारकेश्वर चौरे की रचना-
“रामलला”का मंदिर होगा
अत्यंत भव्य व सुंदर होगा
राम जी की जयकार हो उठी। वही-
मंगला चौरे की रचना-
“भूख तो भूख होती है
न वो हिन्दू है न मुसलमा।
राधेश्याम शाक्य ने कहा
“सपनो का सार लिखता
हूँ ,पग पग कांटे है,चुभन से आहें भरता हूँ ।
उपमन्यु ने लोकभाषा निमाड़ी में रचना सुनायी
“मन की चले जीवन की रेल,
ताना मारे मख् सब,कय की छे बारहवी फेल “।
इस रचना ने सभी को
आनन्दित कर दिया ।
देवेन्द्र जैन ने उद्बोधन के साथ ही रचना पढ़ी की-
“ये बुजुर्ग है घर की रौनक,
इनकी सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है।
शानदार रचना बुजुर्गो के प्रति।
महेश मूलचंदानी ने साईं भजन सुना कर ,माहौल भक्तिमयी किया ।
अध्यक्षीय उदबोधन में डॉ जगदीश चंद चौरे ने कहा कि आज की मुलाकात श्री देवेन्द्र सोनी से सार्थक रही ।
ज्ञात हो कि “ककस”के द्वारा ऐसे आयोजनों में ख्यातनाम हस्तियों से मुलाक़ात कराई जाती है।
उन्होंने कहा-
जैसे रखे समय,रहना चाहिए,
देवेन्द सोनी जी जैसे व्यक्तित्व से मिलते रहना चाहिए ।

आभार दीपक चाकरे ने माना ।

7 COMMENTS

    • मुलाक़ात कार्यक्रम में सम्मानित होने पर भाई देवेन्द्र सोनी जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 💐💐💐

  1. आदरणीय देवेन्द्र जी, सम्मानित होने पर आत्मीय बधाई
    आप इस सम्मान के सही हकदार है।

  2. देवेंद्र सोनी जी के सम्मानित होने पर हार्दिक बधाई।

  3. ‘कला संगम’ परिवार की ओर से प्रिय मित्र श्री देवेंद्र सोनी के सम्मानित होने पर बहुत-बहुत बधाई।

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