हमारी संस्कृति विज्ञान, संस्कार व व्यवहार पर आधारित है – पंडित दीक्षित

37

हमारी संस्कृति विज्ञान, संस्कार व व्यवहार पर आधारित है – पंडित दीक्षित

खंडवा।
आजकल हम देख रहे हैं कि लोग अपनी सभ्यता एवं संस्कृति को भूलते हुए जा रहे हैं और अंग्रेजी सभ्यता की ओर दौड़ रहे। हमारी सभ्यता व्यवहार विज्ञान और संस्कृति पर आधारित है हमारी संस्कृति में हम विश्व को परिवार के रूप में मानते हैं लेकिन अंग्रेजी सभ्यता ग्लोबल वार्मिंग रूप में मानते हैं। हमारी सभ्यता ऐसी सभ्यता है जो वासुदेव कुटुंबकम हमें बताता है उसके सबसे बड़े जिम्मेदार हम स्वयं हैं। हमारे बच्चों को अंग्रेजी स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षा प्रदान करा रहे हैं जो गलत नहीं है लेकिन हमारी संस्कृति आजकल बहुत कठिन दौर की ओर अग्रसर हो रही है। उक्त बात पं प्रबल दीक्षित द्वारा हाटकेश्व स्थित राठौर धर्मशाला में नारी शक्ति महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित शिव महापुराण कथा के द्वितीय दिवस पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहीं। यह जानकारी देते हुए निर्मल मंगवानी ने बताया कि पं दीक्षित जी ने उद्बोधन में कहा कि आज जहां मैं देख रहा हूं कि बच्चों को अंग्रेजी की पुस्तकें पढ़ाई जाती है अंग्रेजी में ज्ञान दिया जाता है जिससे हमारी संस्कृति का कोई ज्ञान नहीं हैं। आज तुम मॉल मार्केट सिनेमाघर जाओगे तो बच्चा पीछे लगेगा लेकिन कई भागवत राम कथा शिव पुराण हो रही है वह बच्चा पीछे नहीं लगेगा क्यों नहीं लगेगा क्योंकि इस बात के जिम्मेदार हम स्वयं है उसे संस्कृति एवं धर्म का ज्ञान नही दे पाए, मैं देख रहा हूं कि अन्य धर्म के बच्चे अपने धर्म को समझते हैं लेकिन महाराज कहीं ना कहीं बड़ा दुख होता है कि हमारे सनातनी धर्मी लोग इससे बहुत दूर होते जा रहे। लेकिन हमारी जो संस्कृति है यह पूरी विज्ञान पर आधारित है हम विश्व को वासुदेव कुटुंबकम की दृष्टि से देखते हैं भाईचारे परिवार की दृष्टि से देखते हैं लेकिन विदेशी लोग हमको व्यापार की दृष्टि से देखते हैं परिवार का सदस्य हमेशा मन तक जुड़ा रहता है व्यापार का संबंध कभी आपका मन तक नहीं जुड़ सकता हमारे आपसे बहुत निवेदन है कि हमारी संस्कृति बच्चों को दें हमारे शास्त्र पढायें। आज तृतीय दिवस शिव महापुराण सती चरित्र कथा का वर्णन किया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here