संथारा लेने के बाद देवलोक गए स्व.श्री समीरमल गोठी को नम आंखो से इटारसी नगरवासियों ने श्रद्धांजलि दी

22

संथारा लेने के बाद देवलोक गए स्व.श्री समीरमल गोठी को नम आंखो से इटारसी नगरवासियों ने श्रद्धांजलि दी

इटारसी 21/02/2021
सेठ लखमीचंद गोठी धर्मशाला के अध्यक्ष, समाजसेवी, गांधीवादी विचारक स्व. श्री समीरमल गोठी को नम आंखो से नगरवासियों ने निर्वाण के 21 वें दिन श्रद्धाजंलि दी।
30 जनवरी गांधी निर्वाण की रात्रि को स्व. समीरमल गोठी ने अंतिम सांस ली थी देवलोक प्राप्त करने के पूर्व लगभग 15 दिनांे तक अन्न, जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया था जिसे जैन धर्म के अनुसार संथारा कहते है।
इसी कारण परिवारजनों ने उनका कोई शोक निवारण नहीं किया था कार्यक्रम के संयोजक प्रमोद पगारे ने परंपरागत तरीकों से अलग हटकर श्रद्धाजंलि का अद्भुत और अनूठा आयोजन रखा।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्य सभा सदस्य दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सुरेश पचौरी, राज्य सभा सदस्य राजमणी पटैल, कांग्रेस के वरिरूठ नेता राजकुमार पटैल, पूर्व गृह उपमंत्री विजय दुबे काकू भाई ने वीडियो संदेश के माध्यम से श्रद्धाजंलि दी। श्रद्धाजंलि समारोह में शरद दीक्षित, कुमारी तनिष्का शर्मा, सलोनी सोनी ने वैष्णव जनतो तेने कहिए गांधी जी का प्रिय भजन प्रस्तुत किया।
वाइलिन पर बिट्टू भाई ने अपनी प्रस्तुति दी। गायक कलाकर भरत गायकवाड़ ओ दूर के मुसाफिर हमकों भी साथ ले ले गीत प्रस्तुत कर माहौल को गमगीन कर दिया। गायक कलाकार हयात खान ने ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना गीत की प्रस्तुति दी। मुस्कार बालिका छात्रावास की छात्राओं ने इतनी शक्ति हमें देना दाता मन का विश्वास का कमजोर होना की प्रस्तुति दी। इटारसी की लता मंगेश्कर कुमारी राशि खाड़े ने चिटठी न कोई संदेश कहां तुम चले गए गजल की मार्मिक प्रस्तुति दी।
नरसिंहगढ संगीत महाविद्यालय के कत्थक नृत्य के शिक्षक दीपक वर्मा एवं सहयोगी कलाकार कुमारी शिवानी शर्मा एवं कुमार डिंपल चौहान ने तीन प्रस्तुति दी जिसमें गणेश वंदना, ठुमरी एवं मधुराष्ट्रक शामिल थे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में पंडित मधुकर व्यास, भाटिया जसपाल सिंह पाली एवं डॉ. सुभाष पवार चारों धर्म के अनुयायियों ने स्व. गोठी को श्रद्धाजंलि दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भवानीशंकर शर्मा ने कहा कि स्व. श्री समीरमल गोठी सादा जीवन उच्च विचार वाले व्यक्ति थे और यह इसी बात से प्रमाणित है शहर के प्रमुख लोग बड़ी संख्या में यहां मौजूद है। श्वेताम्बर जैन समाज की ओर से संबोधित करते हुए सुमेर सिंघवी ने कहा कि स्व. समीरमल गोठी न केवल जैन समाज अपितु इटारसी के आर्दश थे वह कथनी और करनी में अंतर नहीं रखते थे। प्रोफेसर ज्ञानेंद्र पांडे ने कहा कि स्व. समीरमल गोठी ने जीवनभर खादी पहनी और गांधी के सिद्धांतो पर ही जीवन जिया।
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रवि जायसवाल ने स्व. गोठी को श्रद्धाजंलि देते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद सदैव रहा और इटारसी में समाजसेवा के क्षेत्र में स्व. गोठी का विकल्प नहीं था। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सत्येंद्र फौजदार ने कहा कि स्व. समीरमल जैसे लोग विरले ही पैदा होते है वो जो कहते थे उसे अपने आचरण में उतारते थे। उन्होंने जीवनभर वहीं किया जो उन्हें अच्छा लगता था। कार्यक्रम के प्रारंभ में संयोजक प्रमोद पगारे ने समस्त नगरवासियों की ओर से आयोजित पुण्य स्मरण आयोजन क्यों आयोजित किया जाए इस पर अपने विचार व्यक्त किए।
अंत में दो मिनट का मौन कर स्व. समीरमल गोठी को श्रद्धाजंलि दी गई और उपस्थित महिला एवं पुरूष वर्ग ने पुष्पांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में गोठी परिवार के सुधीर गोठी, संजय गोठी, सिद्धार्थ गोठी, संजीव हनी गोठी सहित मांगीलाल गोठी, सजल गोठी एवं गोठी परिवार के सदस्य शामिल थे। कार्यक्रम को पूर्णता प्रदान करने में विनीत चौकसे, भूपेंद्र विश्वकर्मा, घनश्याम तिवारी, सुरेंद्र राजपूत का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्र्रम में जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष पीयूष शर्मा, पूर्व विधायक ओम रघुंवशी, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य चंद्र गोपाल मलैया, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अनिल अवस्थी, जिला महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष माधवी मिश्रा, नगर महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सीमा भदौरिया, नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पंकज राठौर, जिला भाजपा पिछडा वर्ग के प्रकोष्ठ अध्यक्ष जयकिशोर चौधरी सहित बढ़ी संख्या में स्नेहीजन उपस्थित थे।
स्व. समीरमल गोठी का जीवन परिचय –
जी हाँ, में हूँ कुलदीप रघुवंशी,आज 21 फरवरी है,हम और आप इस ऐतिहासिक स्थान पर मौजूद है, जहां पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने एक रात बिताई थी। इस स्थान को सेठ लख्मीचंद गोठी धर्मशाला कहते हैं , मुझे जवाबदारी दी गई है आज के स्वर्गीय श्री समीरमल गोठी पुण्य स्मरण समारोह की ।मैं एंकरिंग में पूरी कोशिश करूंगा की समारोह अपनी संपूर्णता के साथ समाप्त हो । आप सभी जानते हैं स्वर्गीय श्री समीरमल गोठी इटारसी शहर ही नहीं अपितु नर्मदापुरम संभाग में एक ऐसा नाम है जिन्होंने जीवन भर खादी को ही अपनाया। गांधीवादी विचारक के रूप में उनकी पहचान रही और सादगी, सरलता उनके जीवन का अंग रहे। आदरणीय समीरमल गोठी शुचिता, संस्कार ,अनुशासन, और सत्य के प्रहरी माने जाते थे। उनका जन्म 14 अक्टूबर 1927 को हुआ और गांधी निर्वाण दिवस 30 जनवरी की रात्रि में उन्होंने अपनी देह का त्याग किया। स्वर्गीय श्री गोठी एक नेक इंसान के रूप में पहचाने जाते थे। झूठ उनके बाजुओं में कभी नहीं पलता था । वे राजनीति में शुरू से ही कांग्रेस में रहे लेकिन कभी किसी भी प्रकार के विवाद में नहीं पढ़े । वे जिला भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष रहे। इटारसी एथलेटिक संघ के उपाध्यक्ष एवं डी एच ए के उपाध्यक्ष भी रहे। इटारसी शहर की रामलीला हो या श्री राम जन्म महोत्सव उसमें उन्होंने सदेव सहयोग किया । जिले में होने वाली प्राकृतिक आपदा के समय मानव सेवा के लिए सदियों उन्होंने सहयोग किया। जिस जैन समाज की श्वेतांबर धर्म शाखा में वे पलेऔर बड़े ,श्री श्वेतांबर जैन श्री संघ के वे अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने अपने जीवन काल में कभी सामाजिक व धार्मिक संपत्ति को कम नहीं होने दिया।अपितु भविष्य में उनका संचालन सही होता रहे इस हेतु उन संपत्तियों को बढ़ाया भी। स्वर्गीय श्री गोठी के अंतिम संस्कार ने शहर को इस बात का प्रमाण दिया कि वे इटारसी शहर के सर्वमान्य व्यक्ति थे। स्वर्गीय श्री गोठी के पुत्र गण स्वर्गीय श्री सतीश गोठी, श्री सुधीर गोठी, श्री सुनील गोठी, श्री संजय गोठी एवं भरा पूरा परिवार छोड़ गए। वे अपने भाइयों में सबसे छोटे थे ।1946 से उनका इटारसी में आना जाना था ।1952 से स्थायी तौर पर इटारसी के हो गए।राजस्थान के बीकानेर के रामसावरा गांव से 160 साल पहले गोठी परिवार बेतूल आया था। बेतूल से यह परिवार इटारसी आया और यही अपना कारोबार शुरू किया। आजादी के आंदोलन के समय स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारजनों को स्वर्गीय श्री गोठी ने हर तरह की संभव मदद की। स्वर्गीय श्री गोठी ने शिक्षा, समाज सेवा और धर्म के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। राजनीति में शुचिता रहे इस पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया । इटारसी में धीरे- धीरे ऐसी पीढ़ी समाप्त हो रही है जिसने समाज को दिशा देने का कार्य किया और शुचिता पूर्ण जीवन जिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here