काव्य भाषा : पुलवामा के अमर शहीद – सुषमा दीक्षित शुक्ला लखनऊ

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पुलवामा के अमर शहीद

पुलवामा के अमर शहीदों ,
तुमको भुला नहीं सकते ।

त्याग और बलिदान तुम्हारा,
उसको भुला नहीं सकते ।

वैलेंटाइन डे के दिन जब,
मातृभूमि हित प्राण दिया।

पत्नी प्रेयसि सब कुछ त्यागी,
भारत मां से प्यार किया ।

पुलवामा के वीर शहीदों,
व्यर्थ न जाए कुर्बानी ।

तुमको तो अमरत्व मिला है,
हम सबकी आंखों में पानी।

पुलवामा के अमर शहीदों ,
तुमको भुला नही सकते ।

त्याग और बलिदान तुम्हारा,
उसको भूलना नही सकते ।

सुषमा दीक्षित शुक्ला
लखनऊ

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