सफलता के नये कीर्ति मान स्थापित करता ‘देश में निकला होगा चाँद’

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सफलता के नये कीर्ति मान स्थापित करता ‘देश में निकला होगा चाँद’

आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन के साहित्य समूह ने नववर्ष के उपलक्ष्य में प्रवासी भारतीय साहित्यकारों का फेसबुक लाइव द्वारा काव्यपाठ एवं लघुकथापाठ 2 जनवरी से आरंभ किया था। इसमें प्रतिदिन विदेशी सर जमीं पर बसे हमारे प्रवासी भाई-बहनों के फेसबुक लाइव का प्रसारण शाम 7 से 7.40 तक होता है। यह कार्यक्रम आरंभ से ही चर्चा का विषय रहा है और एक महीना बीत जाने पर भी यह अपनी सफलता के नित नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इस कार्यक्रम में शामिल साहित्यकार अपनी रचनाओं, लघुकथाओं एवं संस्मरणों से सभी श्रोताओं का दिल जीत रहे हैं। उन सभी को सुनकर यह महसूस किया जा सकता है कि सभी के मन में अपने देश के प्रति असीम प्रेम है। वो विदेशों में रहकर भी देश के संस्कारों को जिंदा रखे हुए हैं। वो आज भी अपनी जन्मभूमि, मातृभूमि पर लौट आना चाहते हैं एवं भारतीयों से रूबरू होकर बेहद प्रसन्नता एवं अपनापन महसूस कर रहे हैं। बहुत भावुक हो जाते हैं अपनी यादों का पिटारा खोलते खोलते और कई बार तो वो प्रेम के आंसू अपने आप ही उनके नयनों से झलक जाते हैं। उसकी रचनाओं और लघुकथाओं में रिश्तों की गर्माहट, भारतीय संस्कृति की झलक, अपनों से वर्षों तक न मिल पाने की अकुलाहट, भारतीय भोजन की दीवानगी, रीति रिवाज और त्यौहारों के प्रति असीम प्रेम का अनुभव किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में अब तक जिन्होने अपनी प्रस्तुति दी है, वो हैं: शशि पाधा, अमेरिका से, मंजू सिंह शारजहां, दुबई से, शिखा वार्ष्णेय, लंदन से, मीनाक्षी सौरभ शर्मा, अकरा, घाना से, मनीषा कंठालिया, केन्या से, पूजा अनिल, स्पेन से, नेहा शर्मा, दुबई से, रमा शर्मा, टोक्यो, जापान से, तिथि दानी, रेडिंग, यूके से, भारती सिंह, अकरा, घाना से, चित्रा राणा राघव, एटलांटा से, कपिल कुमार, बैल्जियम से, जिज्ञासा शर्मा, अफ्रीका से, योजना जैन, बर्लिन, जर्मनी से, पूनम डोगरा, अमेरिका से, उषा भदौरिया, लंदन से, समता मल्होत्रा, बर्लिन, जर्मनी से, सुश्रुत पंत ज़र्रा, शिकागो से, आशुतोष कुमार, लंदन से, सुनंदा तिवारी, ओमान से, सिम्मी कुमारी, ओमान से, विभा तिवारी, ओमान से,दशमेश गिल फिरोज, कनाडा से,श्वेता सिंह उमा, मास्को से, अनिल कुलश्रेष्ठ, सिंगापुर से, पूर्णिमा सिंह, ओमान से, शिव मोहन सिंह, अमेरिका से, शैला खान, बहरीन से। आगामी तिथियों में जो प्रवासी साहित्यकार फेसबुक पर अपनी प्रस्तुतियां देगें वो हैं : मोनव्वर रहमान, ओमान से, विनीता तिवारी, वाशिंग्टन से, आशीष शर्मा, इंडोनेशिया से, सारिका फेलर, नैरोबी, केन्या से, डॉ सीमा भाँति नीति, अमेरिका से।इस कार्यक्रम की रूपरेखा डाॅ मीनू पाण्डेय नयन, अध्यक्ष आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन ने बनाई थी, जो कि काफी सफल रही है। संयोजक के रूप में चित्रा राणा राघव,एटलांटा, मनीष श्रीवास्तव बादल, भोपाल एवं सुनंदा तिवारी, ओमान का विशेष सहयोग रहा है।

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  1. बहुत ही बेहतरीन ढंग से समाचार प्रकाशित किया गया है। आपका हार्दिक आभार 😊🙏

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