काव्य भाषा : ग़ज़ल – अदिति टंडन ,आगरा

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ग़ज़ल

तगाफुल नहीं करते हो लेकिन ,
ख़ुद में शामिल भी तो नहीं करते ।

खफा नहीं हो जानते हैं हम मगर ,
तबस्सुम का इशारा भी तो नहीं करते ।

दूरियां हों दरमियां नहीं चाहते हो पर ,
मुलाकात का वादा भी तो नहीं करते ।

इश्क़ से इंकार नहीं करते हो किंतु
हमनवां होना भी तो कुबूल नहीं करते ।

अदिति टंडन
आगरा .

– तगाफुल _ अनदेखा करना

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