गांधीवादी विचारक श्री समीरमल गोठी पंचतत्व में विलीन

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गांधीवादी विचारक श्री समीरमल गोठी पंचतत्व में विलीन

इटारसी 31/01/2021 गांधीवादी विचारक, स्वतंत्रता आंदोलन में सेनानी परिवारो के मददगार, एक सफल व्यापारी, प्रभावशाली राजनेता और सामाजिक धार्मिक कार्यो से निरंतर जुड़े रहे श्रीसमीरमल गोठी का बीती रात निधन हो जाने के पश्चात नगर के इतिहास में पहली बार 1.05 किलोमीटर लम्बी अंतिम यात्रा निकली। व्यापारियों ने स्वेच्छा से बाजार बंद किया।
नगर कांग्रेसी अध्यक्ष पंकज राठौर, पूर्व विधायक राजकुमार पटैल, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सत्येन्द्र फौजदार ने पार्थिव शरीर पर कांग्रेस का राष्ट्रीय ध्वज, चरखे वाला तिरगां औढाया। शांतिधाम में समस्त नगरवासियों की ओर से स्व.श्री समीरमल गोठी के पार्थिव शरीर पर पूर्व विधायक सरताज सिंह, पूर्व विधायक अंबिका शुक्ला, पूर्व ग्रह उपमंत्री विजयदुबे काकूभाई ने गुलाब के पुष्पो की माला अर्पित की।
स्व. श्री समीरमल गोठी की चिता को मुखाग्नि उनके सुपुत्रगण सुधीर गोठी, सुनील गोठी और संजय गोठी ने दी। अंतिम संस्कार के पश्चात शांतिधाम में श्रद्धांजलि सभा का संचालन प्रमोद पगारे ने किया। इस अवसर पर स्व.श्री समीरमल गोठी को श्रद्धांजलि देने के लिए सर्वधर्म सभा का आयोजन किया गया जिसमे पं. अतुल मिश्रा, डॉ. सुभाष पवार, गुरूद्वारा के श्री गुरूसिंह सभा के ग्रंथी अजायब सिंह, पांचवी लाईन जामा मस्जिद के पेश इमाम अशरफ अली ने अपने अपने धर्म के अनुसार स्व.श्री गोठी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। दो मिनिट का मौन रखकर उपस्थित जनों ने श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि सभा में विडियो मेसेज और मोबाइल से सांसद रावउदय प्रताप सिंह, विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा, पूर्व केन्द्रीच मंत्री सुरेश पचौरी, विधायक विजयपाल सिंह, जीवोदय संस्था की सिस्टर क्लारा, सेट जोसफ कार्न्वेन्ट स्कूल की प्राचार्य सुश्री संध्या एवं पेन्टी कॉस्टल चर्च के मेथ्यू के. थामस, फ्रेन्ड्स क्वेकर चर्च के जयराज सिंह भानू, धर्मसंघ के अध्यक्ष प्रभात शर्मा, कर्मकाण्डी ब्राम्हण महासभा के अध्यक्ष पं. संदीप दुबे एवं मधुकर व्यास ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जसपाल सिंह भाटिया पाली, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सत्येन्द्र फौजदार, नगर कांग्रेस अध्यक्ष पंकज राठौर, नगर भाजपा अध्यक्ष जोगिन्दर सिंह, होशंगाबाद भाजपा जिला पिछडा वर्ग के अध्यक्ष जयकिशोर चौधरी, सहित पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अनिल अवस्थी सहित इटारसी, होशंगाबाद, बैतूल जिला एवं प्रदेश के कई क्षेत्रों से शुभचिंतक शामिल हुये।
शवयात्रा उनके निवास स्थान 5वीं लाईन से प्रारंभ हुयी ईश्वर बैंण्ड रामधुन बजा रहा था और आगे आगे एक रथ पर णमोकार मंत्र की ध्वनि सुनायी दे रही थी। श्वेताम्बर जैन मंदिर होते हुये विजय दुबे काकूभाई के निवास से ए.सी.सी. तिराह होते हुये ओवर ब्रिज से गोकुल नगर खेड़ा स्थित शंातिधाम श्मशान घाट पहुंची मुख्य द्वार से चिता स्थल तक स्व. गोठी के पार्थिव शरीर पर हजारों नागरिकों ने पुष्प वर्षाकर श्रद्धांजलि दी।
शवयात्रा के मार्ग एवं शांतिधाम में जगह-जगह स्व.श्री गोठी के छायाचित्र लगाये गये थे। शांतिधाम में मुख्य द्वार से चिता स्थल तक ग्रीन कारपेट विछाया गया था।
नगरपालिका परिषद इटारसी ने शव यात्रा के पहले आगे-आगे पूरे मार्ग को पानी से धूलवाया। शवयात्रा के लिए विशेष प्रकार का रथ कांग्रेस ध्वज के आकार का बनाया गया था। स्वर्ग रथ निर्माण में मनीष सिंह ठाकुर एवं विनोद सोनी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। समाज सेवी एवं धार्मिक कार्यकर्ता प्रमोद पगारे जो कि गोठी परिवार के पारिवारिक सदस्य है और स्व.श्री समीरमल गोठी को पिता तुल्य मानते थे अंतिम यात्रा सहित शांतिधाम की सम्पूर्ण व्यवस्था का दायित्व उन्होंने निभाया। समीरमल गोठी को पूरे रास्ते भर नागरिको और स्वचिंतको ने पुष्प वर्षा की। नेशनल हाइवे 69 पर अत्यधिक ट्राफिक होने के कारण इटारसी थाने की यातायात पुलिस को ट्राफिक को लेकर बढ़ी व्यवस्था बनानी पड़ी।
गोठी परिवार की ओर से प्रमोद पगारे ने स्व.श्रीगोठी की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्व.श्रीगोठी का संक्षिप्त जीवन परिचय

स्व. श्रीसमीरमल गोठी का जन्म 14 अक्टूबर 1927 को म.प्र. के बैतूल जिले में हुआ था। उनकी ग्रजुुऐशन तक की शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होने इटारसी में सेठ लखमीचंद गोठी धर्मशाला का निर्माण एवं उसके मुख्य ट्रस्टी का कर्तव्य निभाया। बुद्धि कौशल के धनी थे। सत्य बोलते थे एवं उनके जीवन में जिस भी बारात में 51 वां बाराती मिला वह उस बारात में नहीं जाते थे। उनके द्वारा इटारसी में गोठी ज्वेलर्स, गोठी फर्टीलाईजर, गोठी कृषि फार्म हाउस, त्रिशलानंदन गार्डन एवं द आंनदम् की आधारशिला रखी।
स्व.श्री समीरमल गोठी का निधन 94 वर्ष की आयु में हुआ। वे स्व.श्री धनराज गोठी के छोटे पुत्र थे जो स्व.सेठ फूलचंदजी गोठी को गोद गये थे। स्व.श्रीसमीरमल गोठी के बडे़ भाई गोकुल चंद गोठी का निधन 87वर्ष की उम्र में, भाई नेमीचंद गोठी का निधन 82 वर्ष की आयु में, एवं स्व. उत्तमचंद गोठी का निधन 80 वर्ष की आयु में हुआ। सबसे ज्यादा उम्र स्व.श्री समीरमल गोठी को 94 वर्ष की मिली।
गोठी परिवार राजस्थान में बीकानेर के रासबावरा गांव से 160 वर्ष पहले म.प्र. के बैतूल जिले में आया था। स्व.श्रीसमीरमल गोठी के तीन सुपुत्र है जिसमें सुधीर, सुनील गोठी, संजय गोठी शामिल है। पौत्रगणों को डॉ. सचिन गोठी, संजीव गोठी, संदीप गोठी, सिद्धार्थ गोठी, चेतन गोठी एवं प्रसन्न गोठी ष्शामिल है।
31 जनवरी को इटारसी में एक उस पीढ़ी के मुख्य व्यक्ति का निधन हो गया जो समाज में समरस्ता, राजनीति नीति में साफ गोयी एवं धर्म एवं समाजसेवा में प्रथम पंक्ति में गिने जाते थे।

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