पश्चिम बंगाल में मातृभाषा के कार्यालय का हुआ उदघाटन

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पश्चिम बंगाल में मातृभाषा के कार्यालय का हुआ उदघाटन

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में कई प्रतियोगिताएं हुई आयोजित

कोलकाता। कोरोना काल में नियम को मानते हुए 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान पश्चिम बंगाल इकाई उद्घाटन पर विभिन्न
प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर श्री मनोज कुमार पांडे ,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं हिंदी प्रभारी ,(भारतीय सांख्यिकी संस्थान ,कोलकाता) और प्रशांत तिवारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और भारत माता पर माल्यार्पण से की गई। राष्ट्र गान और सरस्वती वंदना में सभी लीन हो गए वहीं
देश भक्ति, और हिंदी पर जोश भरी काव्य गीत से सभा गूंजती रही। सभा में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मनोज कुमार पांडे ने अपने महत्वपूर्ण वक्तव्य में संविधान पर प्रकाश डालते हुए बताएं कि संविधान हमारे लिए क्यों जरूरी है और हिंदी पर उन्होंने कहा *हिंदी में जो व्यक्त करने की भावना है वह अन्य किसी में नहीं।*
विशेष अतिथि प्रशांत तिवारी जी ने अपने वक्तव्य में 26 जनवरी के महत्व को गहराई से बताएं और हिंदी पर विशेष बल देते हुए बताया कि *हिंदी की अभिव्यक्ति दिल से होती है।*
डॉ विजेता साव ने मातृभाषा उन्नयन संस्थान की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कहा कि *हिंदी हमारी मातृभाषा है इसे अब जल्द से जल्द राष्ट्रभाषा का स्थान मिलना चाहिए।*
डॉ विजेता साव के संयोजकत्व में काव्य प्रतियोगिता , आशु भाषण, चित्रांकन प्रतियोगिता हुई एवं विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

इस कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र और छात्राएं प्रतिभागी बने जिसमें
प्रशांत, अमित, श्याम, रोहित, निशा, आयुषी, राहुल, श्रद्धा, संजीव, स्वेता, शुभम,
पवन इत्यादि ने कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
संचालन संतोष कुमार वर्मा ‘कविराज’ और आयुषी साव ने किया। अंत में मातृभाषा उन्नयन संस्थान पश्चिम बंगाल की संयोजिका डॉ विजेता साव ने आभार माना।

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