काव्य भाषा : देश मेरा है हिंदुस्तान -भारती यादव ‘मेधा ‘ रायपुर

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देश मेरा है हिंदुस्तान

देश मेरा है हिंदुस्तान
हम सबका है अभिमान
नदियाँ जिसके पाँव पखारे
पर्वत जिसके शीश विराजे
तीन ओर सागर से ये घिरा महान
देश मेरा है हिंदुस्तान

ऋषि मुनियों की यह धरती धन्य
त्याग तपस्या का यह तपोवन
छूकर राम के जहाँ चरण
पाहन से, नार अहल्या जाए बन
नारी का जहाँ होता सम्मान
देश मेरा है हिंदुस्तान

वीर शहीदों की भूमि है ये
उखाड़ फेंकी फिरंगियों की जड़ें
स्वतंत्रता की खातिर जाने कितने अलबेले
फाँसी के फंदे पर हँसते हँसते झूले
भरा हुआ है हर जन मन में शौर्य,त्याग और स्वाभिमान
देश मेरा है हिंदुस्तान

उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम न्यारा
लहराए चहुँ ओर तिरंगा प्यारा
जिसकी आन,बान और शान की खातिर
मर मिटने को तैयार है हर भारतवासी
है तिरंगा हर भारतीय की पहचान
देश मेरा है हिंदुस्तान

भारती यादव ‘मेधा ‘
रायपुर, छत्तीसगढ़

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