काव्य भाषा : हिंदी पर गर्व करें – डॉ चंचला दवे सागर

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हिंदी पर गर्व करें

बंगला,तेलगु मलयालम सब
मां के गुण ही गाती है

कोकणी सुभग मराठी उडिया
या पंजाबी
कहीं मालवी गुजराती या सिंधी
बुंदेली की आबादी है
अवधि ब्रज की मधुर
मधुरिमा

मैथिल खडी बघेली है
हिंदी की सब सखी सहेली
द्दढ़ पर सीधी सादी है
हिंदी मां के
ललाट की बिंदी है

राष्ट्र भाषा मातृवत
प्रेम पय,निकालती है
बन प्रतीक गर्विता का
भारत भुवन में बिराजती है

करो विकीर्ण हिंदी में
राष्ट्र की प्रबुध्दि की
पूजा करें
सतत हिंदी की

अजस्त्र प्राण वायु की
देश भक्त है वही
हिंदी की रक्षा करे
हिंदी पर गर्व करें।

डॉ चंचला दवे
सागर

विश्व हिंदी दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

1 COMMENT

  1. हार्दिक आभार आदरणीय देवेन्द्र भाई आपको विश्व हिंदी दिवस पर हार्दिक बधाई

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