काव्य भाषा : गयो 2020 आयो 2021 -अभय चौरे हरदा मप्र

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गयो 2020 आयो 2021

बीती गयो 2020
आयो नयो साल
कोरोना ना 2020 म
करयो सबको बुरो हाल ।
अब देखां काई होएच
जब आव नयो साल ।।
कित्ता लोग मरी गया
जे बची गया हुयो बेहाल
काम धन्धा सब छूटी गया
डाक्टर हुया मालामाल ।।
लोग इधर स उधर हुया
सबका सब बठ्या कंगाल
लाकडाउन म लाठी खाई
घर म अन्न मिल नी दाल ।।
कसो सब न जीवन बितायो
हुया सब फटया हाल
अच्छो हुयो यो बीती गयो
अब आयो यो नयो साल ।।
भगवान कर सब सूखी होव
कोई को होव नी बुरो हाल
हाथ धोवां मास्क लगावा
दो गज दुरी रखा सब हर हाल।।
2021 को असो स्वागत करां
सब का सब होवां खुशहाल
नाचां गावां सब खुशी मनावाँ
सब का सब होवां मालामाल ।।
चंद घटी बाद आज स
शुरु होवगो नयो साल
आप सब ख खुशी मिल
स्वस्थ रहो सब हर हाल ।।

अभय चौरे हरदा मप्र

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