मध्‍य रेल, मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ

194

मध्‍य रेल, मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ

मध्‍य रेल के मुंबई छ‍त्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्थित मुख्‍यालय में दिनांक 14.09.2020 से 28.09.2020 तक हिंदी पखवाड़ा मनाया जा रहा है । पखवाड़े का शुभारंभ 14 सितंबर हिंदी दिवस के अवसर पर मध्‍य रेल के महाप्रबंधक श्री संजीव मित्‍तल के कर-कमलों से सम्पन्‍न हुआ । आरंभ में महाप्रबंधक श्री संजीव मित्‍तल, मध्‍य रेल के मुख्‍य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्‍य सामग्री प्रबंधक श्री आदित्‍य शर्मा एवं मध्‍य रेल के उप महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री विपिन पवार ने मां सरस्‍वती के चित्र पर माल्‍यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर हिंदी पखवाड़े का विधिवत उद्घाटन किया ।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्‍तुत करते हुए उप महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री विपिन पवार ने बताया कि इस पखवाड़े के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भारत की शिक्षा नीति विषय पर निबंध प्रतियोगिता, भारतीय रेल एवं राजभाषा विषय पर स्‍लोगन प्रतियोगिता, कोविड-19 विषय पर स्‍वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता एवं हिंदी सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है । वर्तमान कोविड-19 महामारी के परिप्रेक्ष्‍य में सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों एवं मानक प्रचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) को ध्‍यान में रखते हुए सभी प्रतियोगिताएं ऑनलाईन तरीके से ही आयोजित की जाएंगी । इस अवसर पर मध्‍य रेल के महाप्रबंधक श्री संजीव मित्‍तल ने सभी रेलकर्मियों, उनके परिवारजनों तथा अपने लाखों सम्‍मानीय ग्राहकों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अपने संदेश में कहा कि –
आप सब जानते हैं कि 14 सितंबर, 1949 को संविधान सभा द्वारा सर्वसम्‍मति से हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्‍वीकार किया गया था । इसी महत्‍वपूर्ण निर्णय के महत्‍व को प्रतिपादित करने तथा हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए आज का दिवस प्रतिवर्ष हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है । केंद्र सरकार के कार्यालयों की आधिकारिक भाषा हिंदी होने के कारण हम सब का यह दायित्‍व हो जाता है कि हम अपने दैनिक कामकाज में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करें । मुझे विश्‍वास है कि रेलवे के प्रत्‍येक कार्य व्‍यवहार से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से मध्‍य रेल पर हिेंदी के प्रयोग को प्रभावी ढंग से बढ़ाने तथा निर्धारित लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने में हम निश्चित रूप से सफल होंगे ।
रेलवे देश के कोने-कोने में फैले अपने विशाल नेटवर्क के जरिए लोगों को आपस में जोड़ती है । देश के अलग-अलग भू-भागों में अनेक उन्‍नत और समृद्ध भाषाएं हैं, किंतु हिंदी सबसे अधिक व्‍यापक क्षेत्र में और सबसे अधिक लोगों द्वारा बोली और समझी जाने वाली भाषा है । अत: हमारा यह दायित्‍व हो जाता है कि रेलवे के कामकाज में हम सरल और सहज हिंदी के प्रयोग पर विशेष ध्‍यान दें जिससे कि हमारे ग्राहक रेलवे से जुड़ी सभी जानकारियों को आसानी से समझ सकें ।
आज पूरा देश कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है, लेकिन इस आपत्ति ने हमें अलग-अलग क्षेत्रों में खास तौर पर सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए अवसर भी प्रदान किए हैं । आज सोशल नेटवर्किंग सहित इंटरनेट पर कार्य व्‍यवहार में लगातार बढ़ोत्‍तरी हो रही है । रेलवे के कार्य क्षेत्र में भी यात्री आरक्षण प्रणाली,ई-टिकटिंग जैसे विभिन्‍न कार्यों के लिए हमारे ग्राहकों द्वारा रेलवे की वेबसाइट का ज्‍यादातर उपयोग किया जा रहा है । अत: जरूरी हो जाता है कि रेलवे से जुड़ी सभी सूचनाओं के प्रभावी ढंग से संप्रेषण के लिए हम वेबसाइट पर सभी जानकारियां हिंदी में उपलब्‍ध कराने पर विशेष ध्‍यान दें ।
आप सब जानते हैं कि प्रत्‍येक कार्यालय में अब ऑनलाईन कार्य प्रणाली अपनाई जा रही है । अत: प्रत्‍येक कार्यालय प्रमुख का यह दायित्‍व है कि वे अपने-अपने कार्यालय से संबंधित ऑनलाईन कार्य प्रणाली में सरल और सहज हिंदी का प्रयोग सुनिश्चित करें । इससे हमें रेल कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने में अवश्‍य सहायता मिलेगी ।
आइए,हिंदी दिवस के इस शुभ अवसर पर हम यह संकल्‍प लें कि हम सभी अपना-अपना दैनिक सरकारी कामकाज पूरे उत्‍साह, लगन और गर्व के साथ राजभाषा हिंदी में करेंगे ।
तत्पश्‍चात मध्‍य रेल के मुख्‍य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्‍य साम्रग्री प्रबंधक श्री आदित्‍य शर्मा द्वारा केंद्रीय रेल और वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल के संदेश का वाचन किया गया । रेलमंत्री श्री पीयूष गोयल ने अपने संदेश में हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि –
‘’ भारत माँ के भाल पर सजी स्वर्णिम बिंदी हूँ
मैं भारत की बेटी, आप की अपनी हिंदी हूँ । ‘’
हिंदी दिवस भारतीय संस्‍कृति की अनेकता में एकता का प्रतीक है और सभी भारतीय भाषाओं के आपसी सौहार्द का दिवस भी है । किसी भी राष्‍ट्र, समाज और सभ्‍यता की पहचान उसकी अपनी भाषा से होती है । भाषा केवल संवाद की ही नहीं अपितु संस्‍कृति और संस्‍कारों की संवाहक भी होती है ।
हिंदी की व्‍यापकता और सार्थकता को आज विश्‍व ने भी स्‍वीकार किया है । मौजूदा समय में हिंदी का विश्‍वव्‍यापी प्रसार हुआ है और यह विश्‍व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है । नए-नए शब्‍दों को समाहित करने का गुण, बदलते समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का उत्‍साह इसकी जीवंतता का प्रमाण है ।
भारतीय रेल और हिंदी अन्‍योन्‍याश्रित हैं । भारतीय रेल का विशाल नेटवर्क हिंदी के प्रसार में निरंतर अग्रणी भूमिका निभाता है जबकि हिंदी का देशव्‍यापी प्रचार भारतीय रेल को आम जनता की प्रभावी सेवा करने में सहायता करता है ।
आज का युग कंप्‍यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी का युग है । हिंदी के क्षेत्र में भी कंप्‍यूटर ने क्रांति की है । इंटरनेट, रेलनेट, यात्री आरक्षण प्रणाली, ई-टिकट, मोबाइल द्वारा टिकट बुकिंग, ई-मेल, रेलवे की वेबसाइट, सोशल मीडिया के साधन, जैसे ट्विटर, फेसबुक ने हिंदी को विश्‍व पटल पर स्‍थान दिलाया है । रेल मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया ‘’ रेल राजभाषा ‘’ मोबाइल एप सरकारी काम-काज में हिंदी के प्रयोग में अत्‍यंत सहायक हो रहा है ।
कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के इस दौर में, पूरे विश्‍व ने भारतीय संस्‍कृति का अनुसरण करते हुए ‘नमस्‍ते’ को अभिवादन के तौर पर प्रयोग करना शुरू कर दिया है जो निस्‍संदेह भारत के लिए अत्‍यंत गौरव की बात है । भारत की संस्‍कृति और भाषाओं की महत्‍ता को सारा विश्‍व स्‍वीकार कर रहा है।
हिंदी दिवस के इस शुभ अवसर पर मैं सभी रेल अधिकारियों/कर्मचारियों से आग्रह करता हूं कि आप पूरे उत्‍साह से अपना सरकारी काम-काज यथासंभव हिंदी में ही करने का प्रयास करें ।
अंत में उप महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री विपिन पवार द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के हिंदी दिवस संदेश का वाचन किया गया । इस आयोजन में मध्‍य रेल के सभी विभागों के प्रधान विभागाध्‍यक्ष माइक्रोसोफ्ट टीम्‍स एप्प के माध्‍यम से सम्मिलित हुए । संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन मध्‍य रेल के उप महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री विपिन पवार ने किया ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here