काव्यभाषा : हमारी हिन्दी -ऋतु राज वर्षा रांची

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हमारी हिन्दी…..

हिंदी भाषा सरल है,जाएं जहां भी देती संबल है।
मन के बहुत निकट है। इससे भावों का मूर्त रूप प्रकट है।
लेकर कई गद्य,पद्म संग्रहों के मोती।
समेटकर रखती,सबमें भर देती यह ज्ञान ज्योति।
किसको नहीं यह विषय भाती।
व्याकरण और संस्करण का अद्भुत मेल है।
पाठ्यक्रम में सजीवता का अनोखा रेल है।
चल रही सदियों से अनिवार्य बनकर।
कभी नहीं रही अलगाव सहकर।
समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर।
और दिया है सबको सुखद योगदान।
तभी गर्व से करते सब हिंदी दिवस का सम्मान।
हिंदी हिंदुस्तान की शान है।
भारतीयों की बना रही नयी पहचान है।
इसे न दूजा दर्जा देना। सदैव इसे गले लगा लेना।
हिंदी को महत्वपूर्ण बनाये,बढ़ाये इसका मान।
हिंदी से है नवचेतना इसका करें उत्थान।
क्योंकि हिन्दी भाषा भारतीयों की जान है।
हिन्दी भाषा सरल है,जाएं जहां भी देती संबल है।

ऋतु राज वर्षा
रांची

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