काव्यभाषा : हम हिंददेश के कवि है समीर सिंह राठौड़”मधुर” बांका,बिहार

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हम हिंददेश के कवि है

हिंद का सम्मान लिखें हम
वसुंधरा का मान लिखें हम
हिमालय का अभिमान लिखे हम
शहीदों की कुर्बान लिखें हम
दुश्मनों का गुणगान लिखें हम
हम अदभुत,मनोरम छवि हैं
हम हिंददेश का कवि हैं।।

विश्व शांति का पैगाम लिखें हम
सर्वत्र प्रेम सुबह- शाम लिखें हम
अल्लाह-ईश्वर का नाम लिखें हम
गुणगान करें हम जो हवि हैं
हम हिंददेश के कवि हैं।।

प्रेम की परिभाषा लिखें हम
स्वयं की अभिलाषा लिखें हम
निराशा दूर कर आशा लिखें हम
जग को प्रज्ज्वलित करते
नव भारत के रवि है
हम हिंददेश के कवि हैं।

कलम उठे सदा समर्थन को
स्वच्छ कर्मों के अर्पण को
लिखें अनवरत सत्य राहों को
समाज के दिव्य दर्पण को
हम विश्व विहंगम छवि हैं
हम हिंददेश के कवि हैं।।

समीर सिंह राठौड़”मधुर”
बांका,बिहार

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